समय शिला पर राष्ट्रभक्ति की अद्भुत छोड़ निशानी, करके तांडव नृत्य सो गया, वो शंकर बलिदानी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्री विश्वनाथ सामाजिक सेवा संस्थान संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से काकोरी ट्रेन एक्शन नाट्य समारोह के अंतर्गत साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था अभिव्यंजना के सहयोग से काव्य समारोह का आयोजन एनएकेपी डिग्री कॉलेज में सम्पन्न हुआ। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉ0 शिवओम अम्बर ने की एवं संयोजन व संचालन कवि महेश पाल सिंह उपकारी ने किया।
संस्था की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं महीयसी महादेवी वर्मा की कृति में नीर भरी दु:ख की बदरी का संगीतमय गायन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कवि वैभव सोमवंशी ने पंक्तियां पढ़ी राम हमारी सुबह हमारी शाम है, राम रात दिन राम ही आठों याम है। रमे हुए जो रक्त धमनियों में मेरी, मेरे राघव तुमको कोटि प्रणाम है।। डॉ0 संतोष पाण्डेय ने समय शिला पर राष्ट्रभक्ति की अद्भुत छोड़ निशानी, करके तांडव नृत्य सो गया, वो शंकर बलिदानी पंक्तियां पढक़र श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। डॉ0 गरिमा पाण्डेय लेखनी ने पंक्तियां पढ़ी ष्टिमटिमाती हुई लौ में हूं मगर बुझूंगी नहीं, बेवजह कोई झुकाए तो मैं झुकूंगी नहीं।। संचालक महेश पाल सिंह उपकारी ने समय के महत्व को बताते हुए पंक्तियां पढ़ी कि जीवन का कोई क्षण मित्रो व्यर्थ नहीं वर्वाद करो, चौबीस घंटे में कुछ पल तो उस ईश्वर को याद करो। दुनियादारी के चक्कर में बिता दिया जीवन सारा, अब तो अंतिम तैयारी है अब तो प्रभु को याद करो। कवयित्री प्रीति तिवारी ने जिनकी आंखों का तारा वतन है मेरा, सिर नवाने का उनको मन है मेरा। खुद फना होके इज्जत रखी देश की, उन शहीदों को शत शत नमन है मेरा।। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ0 शिवओम अम्बर ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए पंक्तियां पढ़ी मंगला गायत्रियों की साधना है, अक्षरों में सन्निहित शुभकामना है। राष्ट्र के अर्चा भवन की आरती है, बंधुओं हिंदी ही भारत भारती है।। इस अवसर पर अनुराग अग्रवाल, डॉ0 संदीप चतुर्वेदी, सुरेन्द्र पाण्डेय, अनिल मिश्रा, श्रुति गुप्ता, अनिल सिंह, डॉ0 प्रभात अवस्थी, विजय अवस्थी, सुबोध शुक्ला, अखिलेश पांडे, डॉ0 समरेन्द्र शुक्ला, विनीता चतुर्वेदी, अंजू पाण्डेय, अनुभव, कुलभूषण आदि उपस्थित रहे।
काकोरी ट्रेन एक्शन पर अभिव्यंजना द्वारा कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
