शाहजहांपुर, समृद्धि न्यूज। जनपद में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने देखा उसका कलेजा कांप गया, यहां एक 10 दिन की बच्ची को जमीन में जिंदा दफना दिया गया, लेकिन कहते हैं न लोग जाको राखे साइयां, मार सके न कोय…।
जानकारी के अनुसार जैतीपुर से गौहापुर जाने वाले मार्ग पर बहगुल नदी के पुल के किनारे रविवार सुबह 1० दिन की बच्ची एक फुट गहरे गड्ढे में मिट्टी से दबी मिली। उसके बिलखने की आवाज सुनकर बकरी चराने गए बालक ने देखकर शोर मचाया। पुलिस ने गंभीर हालत में बच्ची को सीएचसी भिजवाया। सीएचसी प्रभारी डॉ0 नितिन सिंह के मुताबिक, बच्ची बेहद कमजोर है और उसका वजन भी बहुत कम है। उसके बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा है। बच्ची के मुंह और नाक में मिट्टी भरी हुई थी।
बहगुल नदी के किनारे लोगों की आवाजाही कम रहती है। रविवार को गौहापुर गांव का डबलू बकरी चराने गया तो उसे बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। उसने शोर मचाया तो आसपास जानवर चरा रहे लोग इक_ा हो गए। लोगों ने देखा कि बच्ची का एक हाथ मिट्टी से बाहर था। चीटियों के काटने के चलते हाथ से खून बह रहा था, जबकि मिट्टी के अंदर से रोने की आवाज आ रही थी। डबलू ने आसपास के लोगों को बुला लिया। सूचना मिलने के बाद जैतीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को बाहर निकाला। मासूम पूरी तरह मिट्टी से सनी हुई थी। मिट्टी को पोछकर तुरंत ही उसे सीएचसी भिजवाया। जहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और क्षेत्र के अस्पतालों में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि हाल ही में किस परिवार में बच्ची का जन्म हुआ। जिंदा बच्ची को मिट्टी में दफनाने के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस किसी ने भी यह कृत्य किया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
शाहजहांपुर: 10 दिन की बच्ची को नदी किनारे जिंदा दफनाया, आवाज सुन ग्रामीणों ने निकाला बाहर
