शिक्षक संगठनों ने भी बढ़-चढक़र लिया भाग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवेश कटियार व जिला मंत्री नीरज शुक्ला, कोषाध्यक्ष विमलेश कुमार एवं मजहर मोहम्मद खां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कलेक्टे्रट पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री सम्बोधित ज्ञापन नगर मजिस्टे्रट को सौंपा। ज्ञापन में दर्शाया गया कि सर्वोच्चतम न्यायालय द्वारा १ सितम्बर को शिक्षकों की योग्यता पर दिये गये निर्णय एवं टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने लामबंद होते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सेवारत शिक्षक जिनकी सेवा 5 वर्ष से अधिक शेष है, के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है अर्थात उनको सेवा में बने रहने के लिए अधिकतम दो वर्षों में टीईटी करना अनिवार्य होगा। आरटीई एक्ट 2009 में लाया गया तथा 23 अगस्त 2010 में इसकी गाइड लाइन जारी की गयी। 29 जुलाई 2011 से उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट लागू हुआ। जिसके द्वारा यह कहा गया था कि 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस व्यवस्था अर्थात आरटीई एक्ट से मुक्त रखा जायेगा, परन्तु 03 अगस्त 2017 में आरटीई एक्ट 23 (2) में लाकर समस्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया। लेकिन इसके दायरे में आने वाले प्रभावित पक्ष अर्थात शिक्षकों को किसी प्रकार की नोटिस या सूचना प्रदान नहीं की गयी। जबकि अन्य प्रांतों में ऐसे में लाखों लाख शिक्षकों सहित उत्तर प्रदेश के लगभग 2 लाख ५० हजार शिक्षक परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश, उच्चतम न्यायालय के उक्त निर्णय से शिक्षा विभाग से जुड़ी हुई कुछ व्यावहारिक व नीतिगत समस्याओं की तरफ आपका ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है। ऐसे में शिक्षकों का पक्ष रखते हुए अधिनियम संसोधन कर शिक्षकों को तनाव से मुक्त किया जाये। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रवेश कटियार, नीरज शुक्ला, विमलेश कुमार शाक्य, प्रमोद दीक्षित, संजय तिवारी, पीयूष कटियार, मुन्नालाल यादव, प्रवेश रत्न शाक्य, अर्जुन प्रताप सिंह, इसरार अहमद, नरेन्द्र जाटव, जितेन्द्र राठौर, अंजू कटियार, विजय कनौजिया, मजहर मोहम्मद खां, अमरेश पटेल, शिव कुमार, जूई कटियार, अनीता सिंह, राकेश सारस्वत आदि लोग मौजूद रहे।
टीईटी परीक्षा के विरोध में शिक्षकों ने दिया धरना, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
