आचार संहिता व कोविड उल्लंघन में एमपी/एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाददाता, विकास यादव
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। भोजपुर विधायक नागेन्द्र सिंह राठौर को आचार संहिता के मामले में दोषी पाये जाने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट एमपी/एमएलए न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह ने छ: माह का कारावास व तीन हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया व कोविड महामारी में एक माह का कारावास दो सौ रुपए का अर्थदंड से दंडित किया।
चौकी प्रभारी आनंद शर्मा ने 29 जनवरी 2022 को भाजपा के भोजपुर विधानसभा के विधायक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दर्शाया गया मैं चौकी प्रभारी सि0ला0 कोतवाली फतेहगढ़ अपनी चौकी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे, तभी समय करीब 1:45 बजे दोपहर में मैने देखा कि भारतीय जनता पार्टी के भोजपुर विधानसभा के प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह राठौर अपने 8-10 समर्थकों के साथ 2 गाडिय़ों में बैठकर आये। जिसमें एक गाडी पर विधायक लिखा था और उसमें पार्टी का झण्डा भी लगी हुआ था। एनआईसी गेट तक आ गये और नामांकन कक्ष गये, जबकि नियम ये है कि कोई भी प्रत्याशी नामांकन कक्ष से 200 मीटर तक कोई भी प्रत्याशी गाड़ी लेकर नहीं आयेगा, फिर भी उनके तथा उनके 8-10 अजात समर्थकों द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन व कोविड नियमों का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने धारा 188, 169, 171(ग), महामारी अधिनियम की धारा 3 के तहत भोजपुर विधायक व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। एपीओ (अभियोजन) जितेंद्र सिंह की कुशल पैरवी के आधार अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए न्यायाधीश ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने विधायक नागेन्द्र सिंह राठौर को दोषी करार देते हुए धारा 269 में छह माह के साधारण कारावास व 3 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं महामारी की धारा 3 में दोषी करार देते हुए एक माह का कारावास व 200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह के साधारण कारावास भोगना होगा। सभी सजाये एक साल चलेगी। जेल में बितायी गई अवधि को सजा में समायोजित की जायेगी। साथ ही धारा 171(ग) सहपठित की धारा 171(च) के आरोप से दोषमुक्त किया है।
भाजपा विधायक नागेन्द्र सिंह राठौर को छह माह का कारावास
