फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश मिशन 2047 में बौद्ध संस्कृति की भूमिका पर सेमिनार व स्थापना बौद्ध नगरी संकिसा बौद्ध बैठक हाल में एक दिवसीय/वर्कशाप का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ0 धम्मपाल महठेरा ने बौद्ध वंदना से प्रारम्भ की। डॉ0 धम्मपाल महठेरा तथा प्रबन्धक जेपी शाक्य, नीलम शाक्य, नागेन्द्र शाक्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा पुष्प बौद्ध मूर्ति पर चढ़ाकर कार्य प्रारम्भ किया। भिक्षु धम्म कीर्ति ने अपने पचीस भिक्षुओ तथा अन्य तीस अनुयायी को डॉ0 धम्मपाल महठेरा ने बौद्ध वंदना कराई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि डॉ0 धम्मपाल महठेरा को आसन गृहण कराया। रामौतार शाक्य को अध्यक्ष पदभार गृहण कराया गया। शिवकुमार शाक्य, धम्म कीर्ति, धम्म रतन मंचासीन रहे। जेपी शाक्य ने कहा कि भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश मिशन 2047 में बौद्ध संस्कृति का विकास किया जा रहा है। सेमिनार में भाग ले रहे बौद्ध जीवियो ने विचार विमर्श किया। विचार धारा पूर्णरूप से विज्ञान पर आधारित है। भंते धम्म कीर्ति ने बौद्ध नगरी संकिसा के बारे में पूर्ण जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ0 धम्मपाल महाठेरा ने कहा कि बौद्ध संस्कृति का विकास इसी प्रकार से भारत सरकार द्वारा प्रगति होती रही तो अवश्य ही 2047 तक हमारा देश विकसित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायक सुशील शाक्य के प्रयासों से 40 बीघे में विपासा केंद्र खुलने जा रहा है। कार्ययोजना में पांच प्रमुख बौद्ध मठों को शामिल किया गया है। परियोजना के अंतर्गत इन स्थलों के सौंदर्याकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, संकेतक बोर्ड और पर्यटक सुविधा केंद्र जैसे काम प्रस्तावित हैं। संचालन नागेन्द्र शाक्य ने किया। इस मौके पर नीलम शाक्य, हरिओम शाक्य, भूपेन्द्र शाक्य, हरपाल सिंह शाक्य, रामकिशोर शाक्य, हुकुम सिंह, विनीता राजपूत, नीरू शाक्य, रंजना यादव, राजेस्वरी देवी, ज्ञानी देवी, खुशी कुमारी आदि लोग मौजूद रहे।
बौद्ध संस्कृति की भूमिका पर सेमिनार का हुआ आयोजन
