समृद्धि न्यूज। एक्टर से नेता बने विजय की करूर में आयोजित सभा में हजारों समर्थक जुटे थे। विजय मंच से भाषण दे रहे थे कि तभी भीड़ आगे बढ़ी और दम घुटने से कई लोग बेहोश हो गए और कई की जान चली गई। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अभिनेता से नेता बने विजय राज्यभर में रैली कर रहे हैं। इसी क्रम में तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के राज्यव्यापी दौरे के तहत करूर में रैली की गई थी। इस रैली में अचानक भगदड़ मच गई, जिसके कारण 39 लोगों की मौत हो गई।
तमिलनाडु के करूर में एक्टर और नेता विजय की पार्टी टीवीके की रैली में भगदड़ से 39 लोगों की जान चली गई। जिनमें 16 महिलाएं और 10 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस बीच भगदड़ को लेकर बड़ी बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि इस रैली में लोगों की भीड़ अनुमान से ज्यादा उमड़ पड़ी।
वहीं खुद विजय भी अपने तय समय से देरी से रैली में पहुंचे, भीषण गर्मी में काफी देर से खड़े रहने के कारण कुछ लोगों की हालत बिगडऩे लगी और वे बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद अचानक अफरातफरी का माहौल बना और भगदड़ मच गई। करूर भगदड़ की घटना पर तमिलनाडु के प्रभारी डीजीपी जी0 वेंकटरमण ने कहा कि सभा की अनुमति दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक दी गई थी, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से ही जुटनी शुरू हो गई थी। जब विजय शाम 7:40 बजे पहुंचे, तब तक भीड़ बिना पर्याप्त भोजन और पानी के घंटों इंतज़ार कर रही थी। वेंकटरमण ने कहा कि हमने पुलिस द्वारा उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की।
इससे पहले ज्टज्ञ की रैलियों में कम भीड़ होती थी, लेकिन इस बार उम्मीद से कहीं ज़्यादा लोग जुटे, हालांकि आयोजकों ने करूर में एक बड़े मैदान की मांग की थी और लगभग 10,000 लोगों के आने की उम्मीद थी, लेकिन लगभग 27,000 लोग इक_ा हुए। जिस प्रचार स्थल पर विजय को जनता को संबोधित करना था, वहां 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे। उन्होंने कहा कि विजय ने खुद पुलिस की भूमिका की सराहना की, लेकिन जोर देकर कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस को 27,000 की पूरी भीड़ के बराबर संख्या में तैनात करना चाहिए। इस दुखद घटना के पीछे के कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा, एक सदस्यीय आयोग का गठन पहले ही किया जा चुका है।
500 पुलिसकर्मी तैनात थे: डीजीपी जी0 वेंकटरमन
राज्य के कार्यवाहक डीजीपी जी0 वेंकटरमन ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा उमड़ी। अभियान स्थल पर अभिनेता-नेता विजय के संबोधन के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे।

शिक्षा मंत्री अंबिल महेश फूट-फूटकर रोए
करूर हॉस्पिटल में तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री अंबिल महेश अपनी वेदना को काबू में नहीं रख पाए और रो पड़े। उन्होंने कहा कि इन लोगों को बार बार कहा था कि कंडीशन्स को फॉलो करें, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, अब आगे ऐसा कभी नहीं होना चाहिए।
पीएम मोदी का भी सामने आया बयान
भगदड़ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा तमिलनाडु के करूर में एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
हृदयविदारक और बेहद दर्दनाक घटना: रजनीकांत
इस हादसे पर सीएम एमके स्टालिन ने कहा कि ये काफी चिंताजनक हैं। वहीं, सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा करूर में निर्दोष लोगों की जान जाने की खबर हृदयविदारक और बेहद दर्दनाक है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के प्रति संवेदना है।
मुआवजे का ऐलान, जांच आयोग गठित
वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि सरकार ने भगदड़ की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड न्यायाधीश अरुणा जगदीशन करेंगी। साथ उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए देने का ऐलान किया।
