वृंदावन के कलाकारों ने खेली राम विवाह की मनभावन लीला

शाहाबाद (हरदोई) श्री रामलीला मेला मोहल्ला पठकाना में वृंदावन के कलाकारों द्वारा खेली जा रही मनभावन रामलीला का आनंद लेने के लिए दर्शकगणों की भीड़ के बीच बच्चों में बहुत उत्साह है।
बीती रात रामलीला में सीताराम के विवाहोत्सव में राम कलेवा का एक अलग ही आकर्षण रहा और बच्चों सहित महिलाओं में अद्भुत आल्हादन अन्य दर्शकों को भी आनंदित करता रहा, मेला समिति द्वारा जनकसुता सीता का विवाह राम से और लक्ष्मण का उर्मिला से और मांडवी का विवाह भरत से, तथा श्रुतकीर्ति का विवाह शत्रुघ्न से कराने में महती भूमिका का निर्वहन किया गया। अपने सभी पुत्रों का विवाह सकुशल सम्पन्न देख जहां राजा दशरथ बहुत आनंदित हुए। वहीं गुरु वशिष्ठ ने सभी को अपना आशीर्वाद दिया। राजा जनक और उनकी पत्नी सुनयना रूपी कलाकारों ने जहां कन्यादान किया। वहीं दर्शक महिलाओं समेत दर्शकगणों ने जनकपुर वासियों की भूमिका का निर्वहन किया।
उपरोक्त जानकारी मेला मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित द्वारा दी गई।

राम विवाह में निभाई गई धान कुटाई की परंपरा

शाहाबाद(हरदोई) श्री रामलीला मेला मंच पर सम्पन्न राम विवाह के बीच घान कुटाई की भूमिका में कलाकारों के आग्रह पर समिति के सहयोगी ऋषि कुमार मिश्रा, मधुप मिश्रा सहित समिति के सक्रिय युवा सम्मिलित हुए। सभी के साथ कलाकारों ने खूब हंसी ठिठोली की। मनोहारी दृश्यों पर दर्शकगण लोट पोट हो गए। मंच पर मंगल गीत गाए गए। रामचरित मानस की चौपाईयों से कन्यादान किया गया और उसका वर्णन कुछ इस तरह सुनाया गए कि – सुखमूल दूलहु देखि दंपति पुलक तन हुलस्यो हियो।
करि लोक वेद बिधानु कन्यादानु नृपभूषन कियो।।
मेला देखने आए कुछ लोगों ने सपत्नीक कन्यादान किया।
उपरोक्त जानकारी मेला मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित द्वारा दी गई।

राम कलेवा में दर्शक महिलाएं भी हुईं शामिल

शाहाबाद (हरदोई) नयनाभिराम राम के साथ ही सभी अति सुन्दर दिख रहे चारों जोड़ों की भांवर पूरी होने के उपरांत राम कलेवा की परंपरा निभाई गई। मंच पर ही चारों जोड़ो को समिति द्वारा स्वादिष्ट स्वल्पाहार कराया गया। बहुत से दर्शकगणों ने अपने हाथों से वर बधू के रूप में सुसज्जित सभी कलाकारों को भोजन भी कराया। राम कलेवा खिलाने में महिलाओं ने भी महती भूमिका निभाई, समिति के व्यवस्थापक ऋषि कुमार मिश्रा, मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित, एवं समिति के अन्य उपस्थित सहयोगियों ने भी राम कलेवा में भाग लिया I राम कलेवा के उपरान्त राम आरती कर अंततः बीती रात की लीला विराम कर दी गई। इस अवसर पर समिति समेत सभी सहयोगीगणों की भूमिका सराहनीय रही। कुल मिलाकर बीती रात का मेला जहाँ सकुशल हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआI
उपरोक्त जानकारी मेला मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित द्वारा दी गई।

राम कलेवा में इस बार नहीं शामिल हुई पुलिस

विराट कवि सम्मेलन में कोतवाल की राक्षसी भूमिका अविस्मरणीय

शाहाबाद (हरदोई) 89 बर्ष प्राचीन श्री रामलीला मेला में विगत बर्षों की भाँति स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने अपनी परम्परागत भूमिका निभाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई अपितु उल्टी परंपरा निभाते हुए प्रभारी निरीक्षक आनंद नारायण त्रिपाठी ने श्री रामलीला मंच पर दशकों से आकर्षण का केंद्र रहे विराट कवि सम्मेलन में बाधा उत्पन्न कर जो हंगामा किया, वह कभी भुलाया नहीं जा सकता, क्योंकि शाहाबाद के इतिहास में यही पहले ऐसे शराबी कोतवाल साबित हुए हैं जिन्होंने जहां अपनी आमद कराते ही कोतवाली में सुन्दर कांड कराकर अपनी धार्मिक मानसिकता तथा ब्राह्मणत्व का संदेश दिया परंतु श्री रामलीला मेला मैदान में तांडव दिखाकर रावण जैसी भूमिका निभाई, यद्यपि रावण तो प्रकांड विद्वान था किन्तु शराब पीकर ऋषि मुनियों को सताता था कि नहीं? और क्या वह सामाजिक साहित्यिक संस्कृतिक कार्यक्रमों को विध्वंस करता था कि नहीं, यद्यपि शाहाबाद कोतवाल ने सीधे तौर पर वही कृत्य जग जाहिर कर दिया जैसे कि पहले राक्षस गण यज्ञ और कार्यक्रम भंग करते थे, अंततः अन्तर सिर्फ इतना कि पहले जब राक्षस गण यज्ञादि विध्वंस करते थे तो कहीं कहीं तत्कालीन वीर योद्धा यज्ञादि विध्वंस करने बाले राक्षसों से युद्ध करते थे किंतु यहाँ वह भी हिम्मत अभी तक कोई नहीं जुटा पाया और न ऐसे कोतवाल को कोई सामाजिकता का सबक सिखा पाया, अलबत्ता बाद में उन्होंने अपनी कोतवाली की कुर्सी पर बैठकर इस सम्बन्ध में प्रभारी निरीक्षक ने पत्रकारों एवं अधिवक्ताओं से कहा कि वह अपनी गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हैं I
दरअसल उन्होंने अपनी वर्दी के घमंड और शराब के नशे में चूर होकर जिस तरह श्री रामलीला मेला मैदान में समिति सहित कार्यक्रम आयोजकों, संयोजकों, कवियों, कवयित्रियों, अतिथियों, श्रोताओं सहित साहित्य तथा समाज को जो क्षति पहुंचाई, उसकी भरपाई अब कभी नहीं की जा सकती है I इसलिए विराट कवि सम्मेलन में उपस्थित कोई भी व्यक्ति या मेले का कोई भी शुभचिंतक उनकी उस दिन की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं I उपरोक्त जानकारी मेला मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित द्वारा दी गई।

पुलिस ने गत बर्ष राम कलेवा में निभाई थी परम्परा

शाहाबाद (हरदोई) बीते बर्ष 2024 में सम्पन्न हुए राम कलेवा में जहां तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक क्षेत्राधिकारी अनुज मिश्रा के साथ प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिँह भी न केवल आए थे बल्कि अपने सरकारी कर्तव्यों सहित सामाजिक दायित्व निभाए थे, जबकि उन दिनों निर्भय कुमार सिंह की छवि इधर के प्रबुद्ध व्यक्तियों में प्रशंसनीय नहीं थी,किन्तु इस बार पुलिस की वैसी भूमिका न मेले में दिखी और न शिव बारात और राम बारात में बीते कई बर्ष पूर्व तक निभाई जाती रही परंपरा में पुलिस की कोई दिलचस्पी नजर आई, आखिर यह भी हो सकता है कि मेला रजिस्टर में तत्कालीन पुलिस द्वारा पुलिस की वह भूमिकाएं ही पुनः अंकित न की गईं हों, इसीलिए न राम शिव बारात और न राम बारात और न राम कलेवा में पुलिस की परम्परागत उपस्थिति और न उनका कर्तव्य बोध प्रदर्शित हुआ है I
उपरोक्त जानकारी मेला मीडिया प्रभारी ओमदेव दीक्षित द्वारा दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *