कायमगंज, समृद्धि न्यूज। आर्य समाज कायमगंज परिसर में यज्ञ के उपरांत शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन और आर्य समाज के आदर्शों के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए आर्य समाज के प्रधान डॉ0 कुलदीप आर्य ने कहा कि भगत सिंह जिस परिवेश में पले बढ़े, वहाँ आर्य समाज के विचार जीवंत थे। सत्य, निर्भीकता और समाज सुधार का जो संदेश स्वामी दयानंद ने दिया। वहीं प्रेरणा भगत सिंह के क्रांतिकारी जीवन में भी दिखाई देती है। एस0एन0एम0 इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य अशोक अग्रवाल ने कहा कि आर्य समाज का नारा कृण्वन्तो विश्वमार्यम्ष् हमें समाज और राष्ट्र को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है। भगत सिंह ने अपने बलिदान से इस आदर्श को साकार किया। योगाचार्य श्रद्धानंद ने कहा कि आर्य समाज हमेशा अन्याय और अंधविश्वास के विरुद्ध खड़ा रहा। भगत सिंह ने भी अन्यायपूर्ण शासन के विरुद्ध डटकर संघर्ष किया। यही कारण है कि वे केवल क्रांतिकारी नहीं बल्कि आर्य समाजी विचारों के वास्तविक अनुयायी भी थे। इस अवसर पर संस्कार भारती के ओम दत्त शर्मा ने पंक्तियों के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि दी। आर्य समाज का दीप जले, भगत सिंह का बलिदान अमर रहे माथुर वैश्य समाज की कायमगंज शाखा के अध्यक्ष जय किशन गुप्ता ने एक सुंदर देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ0 कुलदीप आर्य, अशोक अग्रवाल, ओम दत्त आर्य, श्रद्धानंद, जय किशन गुप्ता, सत्येन्द्र भारद्वाज, लज्जाराम सहित अनेक आर्यजन उपस्थित रहे। अंत में सभी ने भगत सिंह को नमन करते हुए यह संकल्प लिया कि आर्य समाज के आदर्श और शहीदों की प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान का कार्य निरंतर करते रहेंगे।
शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
