श्रीमद् भागवत गीता विश्व का सर्वश्रेष्ठ धार्मिक ग्रंथ

 गीता हमें जीवन जीने की कला सिखाती है: डा0 संदीप चतुर्वेदी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीमद् भागवत गीता वैदिक न्यास कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज श्याम नगर में आयोजन हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता ईश्वरदास ब्रह्मचारी ने की। मुख्य अतिथि संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश पालीवाल व विशिष्ठ अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री परमानंद रहे। आयोजक गौरव अग्रवाल व प्रबंधक एवं कार्यक्रम संयोजक अनुराग अग्रवाल व व्यवस्था प्रमुख प्रधानाचार्य डा0 संदीप कुमार चतुर्वेदी व राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, आकांक्षा सक्सेना ने प्रतिभाग किया। विद्वान गीता मनीशियों द्वारा कहा गया कि गीता विश्व का सर्वश्रेष्ठ धार्मिक ग्रंथ है। विश्व में भौतिक ज्ञान चरम सीमा पर है। गीता में दिये गये भगवान श्रीकृष्ण के विचारों द्वारा समाज का जागरण निश्चियत ही रामबाण सिद्ध होगा। हजारों वर्ष से जीवन जीने की कला सिखाने वाली विश्व की श्रेष्ठतम ज्ञान देने वाले श्रीमद् भागवत गीता जिसमें विश्व के प्राचीनतम् ग्रंथों और वेदों का, उपनिषदों का सार है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में दिये गये अमूल्य विचारों द्वारा व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण होगा, तभी वैभवशाली राष्ट्र का निर्माण होगा। गीता प्राचीनतम ग्रंथ तथा सनातन ग्रंथ का मूल आधार है। गीता पढऩे से नहीं बल्कि उसको जीवन में उतारने से ही मानव जीवन का कल्याण होगा। मुख्य अतिथि ने श्रीमद् भागवत गीता, वैदिक न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 उमेश अग्रवाल ने कहा कि श्रीमद् भागवत गीता अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान ग्रंथ है। गीता ज्ञान और बुद्धि को शुद्ध कर महान बनाने का मंत्र है। विशिष्ठ अतिथि परमानंद शुक्ला ने कहा कि गीता पढऩे से किसी से भी वैर भाव नहीं रखने व अनन भक्ति का अनुभव होता है। ईश्वरदास ब्रह्मचारी ने कहा कि गीता हमे ज्ञान, कर्म, उपासना और वैराग्य का वास्तविक बोध कराती है। प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश महामंत्री डा0 संदीप कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि गीता कर्म, प्रधान जीवन बनाती है, गीता विश्व का सर्वेश्रेष्ठ धार्मिक गं्रथ होने के साथ ही प्रेरणा देती है। महाभारत में कृष्ण भगवान ने अर्जुन को गीता का पाठ पढ़ाते हुए यह दिखाया कि पाप की हार होती है और सत्य की जीत होती है। कर्म फल के लिए कार्य करता है और उसे फल मिलता है। महेश पाल सिंह उपकारी ने भगवत गीता पर विचार रखे। आकांक्षा सक्सेना ने युवाओं को गीता पढऩे के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य संतोष त्रिपाठी, प्रो0 रामबाबू मिश्र, डा0 विनीता तिवारी, राजेन्द्र त्रिपाठी, वीरेन्द्र मिश्रा, अनिल प्रताप सिंह, डा0 रामेन्द्र सिंह रघुवंशी, वीरेन्द्र सिंह राठौर, डा0 रविन्द्र गुप्ता, वैभव सोमवंशी, संजय गर्ग, अवनीश कुमार, रामजी बाजपेयी, राजेश निराला, यशपाल यादव आदि लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। संचालन अंजुम दुबे ने किया।

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