फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अल्लाहनगर बढ़पुर क्षेत्र ठंडी सडक़ स्थित तालाब की भूमि पर बने चर्चित केएम हाउस व केएम इंडिया शोरूम पर अब बुलडोजर चलाया जाएगा। जिला प्रशासन ने एक फिर आदेश जारी कर दिया है। नियत प्राधिकरण ने इस भूमि पर निर्माण के बाद पारित कराये गये 18 मानचित्र निरस्त कर दिये है। वहीं प्रशासन ने भावन मालिकों को एक सप्ताह में भवन खाली करने व स्वयं एक माह में निर्माण हटा लेने का नोटिस दिया है। बताते चले कि कब्रिस्तान की भूमि पर बने माफिया का गुरुशरणम होटल दो वर्ष पहले ही ध्वस्त हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक, अल्लाहनगर बढ़पुर क्षेत्र में ठंडी सडक़ पर तालाब की भूमि पर केएम हाउस होटल व केएम इंडिया शोरूम का निर्माण कराया था, जो गिरने की कगार पर है। दोनों भवनों के लिए गौरव अरोड़ा, विवेक अरोड़ा, वरुण अरोड़ा, पंकज अरोड़ा, अखिलचंद्र अरोड़ा ने इस भूमि पर 18 आवासीय भवन के लिए नक्शे स्वीकृत कराए थे। भवनों का व्यावसायिक उपयोग होने से 21 दिसंबर 2022 को तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने सभी 18 नक्शे निरस्त कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। इस आदेश के खिलाफ भवन स्वामी हाईकोर्ट चले गए। वहां अपील खारिज होने के बाद भवन स्वामियों ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दायर की। इस पर हाईकोर्ट में 17 अप्रैल 2023 को सुनवाई हुई। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना पक्ष रखते हुए कब्रिस्तान, तालाब व पजावा की भूमि होने के चलते सभी स्वीकृत नक्शे निरस्त कर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करने की बात कही। 31 जुलाई 2023 को हुए ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ भी भवन स्वामी नियत प्राधिकारी बोर्ड पहुंचे। बोर्ड के आदेश पर दोबारा जांच कराई गई। नियंत्रक प्राधिकारी बोर्ड ने 12 बार सुनवाई की और सहयुक्त नियोजक संभागीय नियोजन खंड कानपुर से जांच कराई। 29 मई 2025 को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि केएम हाउस का करीब 3255.44 वर्ग मीटर भाग कब्रिस्तान व 361.71 वर्ग मीटर भाग आवासीय भू-उपयोग में है। पांच अगस्त 2025 को लागू महायोजना 2031 में यह भूखंड तालाब और जलाशय में दर्ज होने से निर्माण अवैध है।
नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बसंल ने कहा कि महायोजना के अन्तर्गत यह पूरी जमीन अभिलेखों में तालाब और जलाशय की दर्ज है। ऐसे में किया गया निर्माण अवैध है और नियमों का उल्लंघन है। वहीं भावन मालिकों को एक सप्ताह में भवन खाली करने व स्वयं एक माह में निर्माण हटा लेने का नोटिस दिया है। इसके बाद नगर पालिका के माध्यम से निर्माण ध्वस्त कराया जाएगा। ध्वस्तीकरण पर होने वाल खर्च भी राजस्व की भांति वसूला जाएगा। केएम हाउस का निर्माण करीब 12 वर्ष पहले कराया गया था, जबकि केएम इंडिया का निर्माण पांच वर्ष पहले ही हुआ है।
तालाब की जमीन पर बने केएम हाउस व केएम इंडिया के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी
