16 नवंबर से पेराई सत्र शुरु होने की सम्भावना, मिल में मरम्मत कार्य जारी
कायमगंज, समृद्धि न्यूज। द किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र 16 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। मिल परिसर में पुरानी मशीनों की मरम्मत और नए पाट्र्स लगाने का कार्य तेजी से जारी है। हालांकि बाढ़ से इस बार गन्ने की फसल को हुए नुकसान और दो गन्ना सेंटरों के चले जाने से लक्ष्य पूरा करना मिल प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
किसान सहकारी चीनी मिल में नए पेराई सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं। मिल प्रशासन 16 नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी में जोरों पर हैं। मिल के प्रधान प्रबंधक मोहम्मद शादाब असलम ने शनिवार को मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने मरम्मत कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और जहां भी कार्य में कमी दिखाई दी। उसे तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। प्रबंधक ने बताया कि इस बार कई मशीनों में नए पाट्र्स लगाए गए हैं ताकि पेराई के दौरान कोई तकनीकी खराबी न आए और किसानों को असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि इस बार मिल प्रशासन ने करीब 17 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाढ़ के पानी से हजारों कुंतल गन्ना नष्ट हो गया है। जिससे तराई क्षेत्र के गांवों से गन्ने की आवक घटने की संभावना बन गई है। वहीं शमशाबाद क्षेत्र के रूपापुर और एक अन्य गन्ना सेंटर के रूपापुर चीनी मिल को चले जाने से भी कायमगंज मिल को नुकसान हुआ है। इससे पेराई लक्ष्य तक पहुँचना मुश्किल नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र में करीब 10 लाख कुंतल गन्ने की पेराई हुई थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा 7 से 8 लाख कुंतल के बीच रहने का अनुमान है। मिल प्रशासन ने दोनों गन्ना सेंटरों की वापसी के लिए फेडरेशन को पत्र भी भेजा था, परन्तु अब इसकी संभावना बहुत कम बची है। प्रधान प्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में गन्ने का रकवा लगातार घट रहा है।
गन्ने का रकवा घटा, लक्ष्य पूरा करना मिल प्रशासन के लिए चुनौती
