- अयोध्या नगर निगम बोर्ड की बैठक में ध्वनिमत से सभी प्रस्ताव पास।
- नगर निगम के कतिपय कर्मचारियों की कार्यशैली पर जताई गई नाराजगी।
- रामनगरी के नौ कुंडों को रखरखाव के लिए हस्तगत करेगा नगर निगम
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। इस वित्तीय वर्ष में पार्षदों के प्रस्ताव पर नगर निगम दस लाख रुपये तक का विकास कार्य कराएगा।इसके साथ ही सुंदरीकरण कराए गये रामनगरी के नौ कुंडों को नगर निगम रखरखाव के लिए हस्तगत करेगा।यह निर्णय नगर निगम बोर्ड की गांधी सभागार में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने की।
बोर्ड की बैठक में नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रिय प्रयास किए जाने पर सदन ने सहमति जताई गई।महापौर ने कहा कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं पौराणिक दृष्टि से अयोध्या पूरी दुनिया में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश का चेहरा बनकर उभरा है।हाल ही में मॉरीशस और भूटान के प्रधानमंत्री का स्वागत करने का अवसर मिला है।उन्होंने अयोध्या की जीएसटी में निरंतर वृद्धि का हवाला देते हुए बताया कि 25 नवंबर को यहां आने वाले हजारों अतिथियों के लिए होमस्टे बुक हुए हैं।इससे अयोध्या की अर्थव्यवस्था निरंतर बेहतर हो रही है।सफाई,पेयजल व्यवस्था को लेकर निरंतर सराहना मिल रही है।अयोध्या धाम की तरह अयोध्या कैंट एवं कौशलपुरी को मार्ग प्रकाश व्यवस्था तथा सीवर लाइन से आच्छादित किया जा रहा है।उन्होंने एक हजार करोड़ रुपये बजट का आंकड़ा छूने का भी लक्ष्य निर्धारित किया।बोर्ड की बैठक में पूर्व उपसभापति जयनारायण सिंह उर्फ रिंकू ने विकास निधि का मुद्दा उठाया। पार्षद विनय जायसवाल एवं बृजेश सिंह ने बोर्ड की अनुमति से ही विकास कार्य कराए जाने की मांग दोहरा।सपा पार्षद रामभवन यादव ने सीवर लाइन के लिए सड़क खोदकर छोड़ देने का मुद्दा उठाया।सपा पार्षद दल के नेता विशाल पाल ने सड़क व गली के निर्माण कार्य के चयन में मनमानी का आरोप लगाया।इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि डेढ़ सौ सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया था।शासन से 45 करोड रुपये की स्वीकृत होने के कारण सड़कों की संख्या घटानी पड़ी।
भाजपा पार्षद चंदन सिंह,अनिल सिंह एवं सपा पार्षद विशाल पाल के प्रस्ताव पर नगर निगम की छवि खराब करने के लिए उत्तरदाई कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के प्रस्ताव पर सदन ने धन्यवाद से सहमति जताई।पार्षद चंदन सिंह ने दर्शननगर से रीडगंज तक लाइट के न जलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने देवकली से रीडगंज ओवर ब्रिज तक नाली निर्माण अधूरा होने का कारण जानना चाहा।इस मौके पर विधायक वेदप्रकाश गुप्त व पार्षदों ने कार्यदायी संस्था ‘छात्र शक्ति’ के कार्य पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए जांच की मांग की।
पार्षद अनिल सिंह ने स्टैंड ठेका का धन समय से न जमा होने पर एतराज जताया।हरिश्चंद्र अग्रहरि ने फतेहगंज अंडरपास के सुंदरीकरण,पॉलिथीन की थोक विकि पर रोक लगाने तथा छोटे दुकानदारों को प्रताड़ित न करने की आवश्यकता दिखाई।बैठक में तय किया गया कि नगर में लगाए गए प्रकाश पोल की कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी।इस मौके पर निर्माण विभाग पार्षदों के निशाने पर रहा।अधिकारियों के अनुपस्थिति तथा शिलालेख लगाए जाने जैसे मुद्दों पर पार्षदों की नाराजगी को देखते हुए नगर आयुक्त जयेन्द्र कुमार ने कार्रवाई का वादा किया।उन्होंने बताया कि पार्षदों के साथ जांच के लिए अपर आयुक्त को मौके पर भेजा जाएगा।चर्चा में पार्षद अनुज दास,मनीष सिंह,सूर्यकुमार तिवारी सूर्या,विकास कुमार, अर्चना,मनीषा,अभिनव पांडेय, अंकित त्रिपाठी,अमित कुमार आदि ने हिस्सा लिया।
कार्यालय निर्माण के लिए धनावंटन का मुद्दा छाया
बैठक में महापौर ने अवगत कराया कि नया कार्यालय भवन निर्माण के लिए स्वीकृत 108 करोड़ रुपये में से 50 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश सरकार ने दे दिए हैं,जबकि 28-28 करोड़ रुपये नगर निगम व विकास प्राधिकरण को देना था। प्राधिकरण के हिस्से की धनराशि शासन ने अवमुक्त कर दी है, जबकि नगर निगम के हिस्से की धनराशि लंबित है।नगर निगम की अर्थव्यवस्था को देखते हुए नगर विकास मंत्री ने धनराशि देने पर सहमति जताई है।इसके अलावा पांच करोड़ रुपये फर्नीचर के लिए चाहिए।इस पर विधायक ने प्रमुख सचिव से वार्ता कर धनराशि अवमुक्त कराने का वादा किया।
कृष्णरानी की लगेगी प्रतिमा, जगदंबा पांडेय के नाम पर होगा देवकाली अंडरपास
नगर निगम बोर्ड ने फैसला किया है कि तुलसी स्मारक कन्या इंटर कॉलेज अयोध्या में प्रख्यात समाजसेवी कृष्णारानी शर्मा की प्रतिमा लगाई जाएगी तथा देवकाली अंडरपास का नाम बलिदानी सैनिक जगदंबा प्रसाद पांडेय के नाम पर रखा जाएगा।
