गोंडा: गोंडा में एक बीएलओ ने एसआईआर ड्यूटी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। बीएलओ ने मरने से पहले एसडीएम, बीडीओ समेत अन्य अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले की जांच शुरू हो गई है। चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) गलत कारणों से सुर्खियां में है। गोंडा जिले में एसआईआर के काम में लगे एक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने जहर खा लिया। जिससे उनकी मौत हो गयी। बीएलओ के तौर पर कार्यरत शिक्षक की ड्यूटी जिले के नवाबगंज विकास खंड में लगाई गई थी। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) आलोक कुमार ने बताया कि जौनपुर जिले के मालानी सराय खास निवासी विपिन यादव नवाबगंज विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जैतपुर माझा में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे। उनकी बीएलओ के रूप में खेमपुर ग्राम पंचायत में ड्यूटी लगी थी। बीएलओ ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। जिससे उनकी खराब हो गयी, मौके पर मौजूद साथी शिक्षकों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगडऩे पर चिकित्सक ने रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पहुंचकर चिकित्सकों ने जानकारी ली। लखनऊ पहुंचने पर बीएलओ ने दम तोड़ दिया। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं पीडि़त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लखनऊ जाने से पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती सहायक अध्यापक विपिन यादव ने कहा था कि मेरे ऊपर मतदाता पुनरीक्षण कार्य को लेकर के एसडीएम तरबगंज, बीडीओ नवाबगंज और और लेखपाल दबाव बना रहे थे। इससे परेशान होकर उन्होंने जहर खाया है, उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने इस घटना की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर दिया।
गोंडा में जहर खाने से बीएलओ की मौत, एसडीएम व बीडीओ पर दबाव का आरोप
