दुर्लभ धातुओं के लिए कैबिनेट से 7280 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज को मंजूरी
समृद्धि न्यूज। केंद्र सरकार चीन की रेयर अर्थ एकाधिकार को तोडऩे के लिए 7,280 करोड़ की बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। यह प्रोत्साहन योजना इलेक्ट्रिक वाहनों, सोलर पैनल और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू सप्लाई सुनिश्चित करेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कुल 10,919 करोड़ रुपये की चार बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी। इसमें 7,280 करोड़ की दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट निर्माण योजना शामिल है। जो इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है। इसके अलावा, पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 9,858 करोड़, देवभूमि द्वारका (ओखा)-कनालस रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 1,457 करोड़ और बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए 1,324 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को 7280 करोड़ रुपये के फाइनेंशियल खर्च के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की स्कीम को मंजूरी दी। अपनी तरह की इस पहली पहल का मकसद भारत में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करना है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत ग्लोबल त्म्च्ड मार्केट में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह बना सकेगा। नई मेट्रो लाइनों से खराड़ी IT पार्क, हडपसर इंडस्ट्रियल क्षेत्र, स्वारगेट, सिन्हगड रोड, करवे रोड और मुंबई-बेंगलुरु हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक कम होगा और शहर में तेज, सुरक्षित और हरित यातायात को बढ़ावा मिलेगा। यह दोनों लाइनें अन्य मेट्रो कॉरिडोर-स्वारगेट (लाइन 1), खराड़ी बायपास और नाल स्टॉप (लाइन 2) से सहज रूप से जुड़ेंगी। हडपसर रेलवे स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा भी होगी।
