हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में दंपति सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास

एक लाख अस्सी हजार का लगाया गया अर्थदंड
50 प्रतिशत मृतक की पत्नी व 50 प्रतिशत वादी को दिया जाएगा
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रेम विवाह को लेकर धर्मेंद्र चौहान ने अपनी पुत्री के पति अंकित अवस्थी की हत्या करके शव को दफना दिया था। हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश विशेष दस्यु प्रभावित क्षेत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने धर्मेंद्र चौहान पुत्र झब्बू, उमा पत्नी धर्मेंद्र चौहान निवासीगण भगुआनगला, सच्चिदानंद उर्फ मनोज निवासी नौगाई छिबरामऊ कन्नौज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास व 60-60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।
बीते चार वर्षों पूर्व कोतवाली पुलिस को कन्हैयालाल अवस्थी पुत्र श्रीराम अवस्थी निवासी ग्राम सरह फतेहगढ़ ने दी गई तहरीर में बताया कि मेरा मझोला पुत्र अंकित अवस्थी नोएडा में काम करता था। भाईदूज के दिन दिनांक 6 नवंबर 2021 को घर आया था। दूसरे दिन घर से गांव के अन्य लडक़ों के साथ नोएडा जाने के लिए निकला था। पांचाल घाट चौराहे पर टेंपो से उतारकर अपने परिचित धर्मेन्द्र चौहान के घर श्रीराम कोल्ड स्टोरेज के पीछे भागुआ नगला गांव गया था, जबकि गांव के अन्य लडक़े टेंपो से फर्रुखाबाद की तरफ चले गए। शाम को मेरे लडक़े से बात हुई, तो बताया कि धर्मेंद्र चौहान के मकान पर हूँ। उसके बाद मेरे पुत्र का फोन स्वीच ऑफ हो गया। सुबह गांव के लडक़े से पता किया, तो उन्होंने बताया कि अंकित नहीं आया है। जब हम लोगों ने धर्मेंद्र चौहान को फोन किया, उनकी पत्नी उमा चौहान ने फोन उठाया। कोई संतोषजनक जवाब न देने पर मैं धर्मेंद्र चौहान के घर पहुंचा, तो देखा कि उनके मकान पर ताला लगा था और उनके मकान के बगल में ताज़ी मिट्टी खुदी पड़ी थी। बाद में पता चला कि धर्मेंद्र चौहान व उमा चौहान, प्रशांत ने मेरे बेटे की हत्या कर दी है, क्योंकि धर्मेंद्र चौहान की पुत्री से अंकित का प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर विवेचना में प्रशांत का नाम पृथक कर दिया था। जो किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। साक्ष्य के आधार पर सच्चिदानंद का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने धर्मेंद्र चौहान, उमा चौहान, सच्चिदानंद उर्फ मनोज के विरुद्ध न्यायलय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता पंकज कटियार, अनुज प्रताप सिंह की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने धर्मेंद्र चौहान, उमा चौहान , सच्चिदानंद उर्फ मनोज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास व 60-60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। कुल अर्थदंड के एक लाख अस्सी हजार रुपए की धनराशि में से 90 हजार रुपए मृतक की पत्नी नेहा चौहान व 90 हजार रुपए मुकदमा वादी को दिया जायेगा।

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