फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कायमगंज चीनी मिल परिसर में प्रेसमड (फिल्टर केक) की स्टॉकिंग प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मिल के उपाध्यक्ष जय गंगवार ने भाजपा नेता अमरदीप दीक्षित और अशोक वर्मा के साथ गुरुवार को परिसर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि प्रेसमड की बिक्री का ठेका हो चुका है, लेकिन नई प्रेसमड को उसी पुरानी स्टॉक वाली जगह पर फिर से डंप किया जा रहा है। उपाध्यक्ष गंगवार ने स्पष्ट किया कि यदि नई प्रेसमड पुराने स्टॉक के साथ मिल जाएगी तो इससे गन्ना पेराई और क्रशिंग संख्या में छेड़छाड़ का रास्ता खुलेगा। प्रेसमड सीधे तौर पर गन्ना पेराई का परिणाम होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि नई प्रेसमड को एक विशेष अलग स्थान पर रखा जाना चाहिए। इसके लिए मिल परिसर के बाहर यार्ड या यार्ड के सामने पट्टी वाले स्थान का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पिछली बार भी विवाद हो चुका है। इसलिए अब पारदर्शी प्रबंधन की आवश्यकता है।
आंकलन गलत होने की संभावना
उपाध्यक्ष का तर्क है कि पुरानी और नई प्रेसमड को एक ही स्थान पर भरने से यह तय करना मुश्किल हो जाएगा कि ठेकेदार कौन सी प्रेसमड भरवा रहा है, पुरानी या नई। नई और पुरानी प्रेसमड के दामों में भारी अंतर होता है। नए व पुराने स्टॉक के मिश्रण से मिल के गन्ना पेराई के आंकलन गलत होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे मिल की क्रशिंग क्षमता कम दिख सकती है या गन्ना पेराई कम दिखाकर गन्ना मूल्यांकन व बकाया भुगतान में गड़बड़ी की जा सकती है। जय गंगवार ने इस संबंध में मिल के जीएम से बात कर प्रेसमड को अलग स्थान पर डालने का आग्रह किया है। अब देखना होगा कि मिल प्रशासन इस मांग पर कितनी गंभीरता से विचार करता है और ठेका कंपनी को कितने स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं।
