सभी आरोपियों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से किया गया दंडित
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश विशेष दस्यु प्रभावित क्षेत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने रामबाबू, रामदीन पुत्रगण मौजीलाल, बादाम सिंह पुत्र मातादीन, रामरतन पुत्र मान सिंह, रुकमंगल पुत्र रामकिशन, अमर सिंह पुत्र अनंतराम, रामवीर पुत्र वेदराम, देशराज पुत्र गंगाराम, बरजोर पुत्र पूरन सिंह, हरीशचंद्र पुत्र गंगाराम समस्त निवासीगण ग्राम लुखरियाई मोहम्मदाबाद को लोकसेवक कर्मचारी के साथ लूट के मामले में दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर तीन वर्ष छ: माह का कारावास व पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
बीते 33 वर्षों पूर्व कांस्टेबिल हरिकिशोर ने जुबानी सूचना कोतवाली मोहम्मदाबाद पुलिस को देकर बताया कि वादी थाना मऊदरवाजा के सिढ़ऊपुर चौकी मंै तैनात था। उसके साथ अशोक कुमार भी तैनात था। हम दोनों लोग चौकी पर थे। लाला गुप्ता निवासी सिढ़ऊपर ने चौकी पर आकर बताया कि ग्राम चक्करपुर पट्टी में झब्बू सिंह की सुरक्षा में लगे सिपाहियों, झब्बू सिंह के लडक़े व कन्हऊ याकूबपुर के दो व्यक्तियों को ग्राम चक्करपुर पट्टी में वहां के आदमियों ने पकड़ लिया है। जिस पर सिपाही अशोक, हरिकिशोर ने अपनी टार्च और राइफल लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। हम दोनों लोगों ने वहां के लोगों को समझाबूझकर उन लोगों को छुड़वाया। कांस्टेबिल हरिकिशोर, अशोक, सीपी मुरलीधर, शेष कुमार तिवारी व कन्हऊपुर के रामपाल, झब्बू सिंह का लडक़ा गुड्डू व राजाराम के साथ-साथ चौकी के कांस्टेबिल मुरली, शेष कुमार तिवारी व कन्हऊपुर के तीनों लोग अपने गांव जाने के लिए ग्राम लुखरियाई के पास करीब आठ बजे रात पहुंचे। ग्राम लुखरियाई के ओमप्रकाश, रामबाबू, रामदीन, सौदान, बादाम सिंह, तुलाराम, वेदराम, रामचंद्र, सियाराम, रामरतन, रामऔतार, रुकमंगल, अमर सिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर, हरिश्चन्द्र, रामनरेश समस्त निवासीगण लुखरियाई लाठियां, रायफल सहित कट्टे आदि लेकर आ गए और कहा कि पकड़ को सालों को। झब्बू की बहुत रखवाली करते हैं। यह कहते उन लोगों ने घेरकर मारना पीटना शुरू कर दिया। पुलिस के सिपाही हरिकिशोर, अशोक, मुलीधर की राइफल व सभी कारतूस, टार्च, हाथ घड़ी छीन लिए। कुछ लोग भागकर जनैया सिठेया गांव की तरफ गए। उन लोगों को भी ओमप्रकाश की बैठक में बंद कर दिया। आरोपियों को टार्च की रोशनी में पहचाना। कोतवाली मोहम्मदाबाद पुलिस ने जाकर सभी लोगों को छुड़वाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमा विचारण के दौरान ओमप्रकाश, सौदान सिंह, तुलाराम, वेदराम, रामचंद्र, सियाराम, रामऔतार, रामनरेश की मृत्यु हो गई थी। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता अनुज प्रताप सिंह, के0के0 पाण्डेय की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान ने रामबाबू, रामदीन, बादाम सिंह, रामरतन, रुकमंगल, अमर सिंह, देशराज, बरजोर, हरिश्चन्द्र को को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर तीन वर्ष छ: माह का कारावास व पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
सिपाही के साथ लूट करने वाले दस आरोपियों को तीन वर्ष छ: माह का कारावास
