20 हजार में जबरन बयान दर्ज कराने का किया सौदा
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। नवाबगंज थाने के प्रभारी अवध नारायण पांडे की अस्वस्थता का फायदा उठाकर थाने के एक कांस्टेबिल पर अवैध धन उगाही और मनमानी का गंभीर आरोप लगा है। कांस्टेबिल पर यह सनसनीखेज आरोप है कि उन्होंने एक युवती के जबरन बयान दर्ज कराने और उसकी शादी कराने का 20,000 में सौदा किया है, जबकि लडक़ी के पिता द्वारा कोई कानूनी शिकायत (तहरीर) भी नहीं दी गई है।
सीयूजी नंबर का दुरुपयोग और अवैध उगाही
थाना प्रभारी अवध नारायण पांडे इन दिनों फतेहगढ़ के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर थाने के कुछ कांस्टेबिल अवैध धन उगाही को अंजाम दे रहे हैं। आरोप है कि ये कांस्टेबिल थाना प्रभारी के सीयूजी नंबर का दुरुपयोग कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों को धमकी देकर पैसे ऐंठने का गोरखधंधा चला रहे हैं। यह भी जानकारी मिली है कि ये कांस्टेबिल शिकायत पत्रों पर कार्रवाई करने के लिए वादी और प्रतिवादी दोनों से रिश्वत लेने के बाद ही जांच प्रक्रिया पूरी करते हैं।
जबरन बयान का सनसनीखेज मामला
कांस्टेबिलों की इस कथित मनमानी का एक गंभीर मामला सामने आया है। हाल ही में कायमगंज कोतवाली के एक गांव की युवती सोनी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी बुआ के घर एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। इसी समारोह में शामिल हुए नवाबगंज के एक युवक ने युवती को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। युवती के परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे युवक के घर से बरामद कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि युवती को वापस ले जाने के दो दिन बाद युवक के परिजनों ने नवाबगंज थाने के एक कांस्टेबिल को बीस हजार रुपये की मोटी रकम दी। आरोप है कि यह सौदा इस शर्त पर तय हुआ कि कांस्टेबिल युवती के जबरन बयान दर्ज कराएगा ताकि उसकी शादी युवक से कराई जा सके।
कांस्टेबल की दबिश और धमकी
इस सौदे के बादए थाने का कांस्टेबल लगातार युवती की बुआ के घर पर दबिश दे रहा है और उन्हें धमकी दे रहा है। बुआ को धमकाया जा रहा है कि वे युवती को थाने लेकर आएं ताकि उसके बयान दर्ज किए जा सकें अन्यथा उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। युवती की बुआ ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल किया। युवती का मूल घर कायमगंज में है। पुलिस बार-बार हमें क्यों धमका रही है।
कानूनी आधार पर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई के कानूनी आधार पर उठ रहा है। युवती के पिता जो महाराष्ट्र के सूरत शहर में नौकरी करते हैं, ने न तो थाने में कोई तहरीर दी है और न ही पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज किया है। इसके बावजूद कांस्टेबिल किस कानूनी आधार पर और किस बिना पर युवती के बयान दर्ज कराना चाहता है। यह पुलिस की मंशा पर गंभीर संदेह पैदा करता है। थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में कांस्टेबिलों द्वारा की जा रही यह अवैध उगाही और दबाव बनाने की कार्रवाई नवाबगंज पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।
