फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयुरप्रवेशिका (यूजी ट्रांजिशनल करिकुलम) और संस्कार (पीजी ओरिएंटेशन) के चतुर्थ एवं पंचम दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोनों कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक मूल्यों, अकादमिक अपेक्षाओं, व्यक्तित्व-विकास, डिजिटल कौशल तथा प्रोफेशनल एथिक्स से परिचित कराने हेतु विविध शैक्षणिक, कौशल-आधारित और चिंतनशील सत्र आयोजित किए गए। चतुर्थ दिवस में यूजी कार्यक्रम की शुरुआत धन्वंतरि प्रार्थना से हुई। प्रथम सत्र में डॉ0 मधु रंजन ने आयुर्वेद बियॉन्ड प्रैक्टिस: एन्त्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट में क्षमता निर्माण पर व्याख्यान दिया। डॉ0 रूमी डे ने बीएएमएस के पश्चात विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। डॉ0 रीता सिंह ने हीलिंग हैंड्स एंड कम्पैशनेट हाट्र्स शीर्षक से एक प्रेरणादायी चिंतन गतिविधि कराई, जबकि डा0 ज्ञानेंद्र गुप्ता ने दोष, धातु और मल जैसे मूलभूत आयुर्वेदिक सिद्धांतों के क्लिनिकल उपयोग पर प्रकाश डाला। दोपहर के सत्रों में डॉ0 गगन देवी व डा0 कविता शर्मा ने कॉम्पिटेंसी-बेस्ड बीएएमएस करिकुलम की रूपरेखा स्पष्ट की। डॉ0 वेंणु एन ने रचना शरीर, कोर्स संरचना और कैडैवर रूम एटीकेट्स पर मार्गदर्शन दिया। दिन का समापन डा0 कविता नेगी ने माइंडफुलनेस सत्र के साथ किया।
पीजी कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस में डॉ0 रीता सिंह ने पीजी स्कॉलर के अधिकार एवं दायित्व पर चर्चा की। डॉ0 निरंजन एस ने टाइम मैनेजमेंट पर उपयोगी सुझाव दिए। डॉ0 गगन देवी ने पोडियम मैनर्स पर इंटरैक्टिव डेमो, डॉ0 वेंणु एन ने स्व-अध्ययन एवं सहयोगात्मक अध्ययन की रणनीतियाँ, और डॉ0 सुमन कांडू ने संचार, क्रिटिकल थिंकिंग एवं समस्या-समाधान कौशल पर सत्र लिए। अंतिम सत्र में डॉ0 सी0 उदय कुमार ने टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ कराईं तथा डॉ0 धनराज पटेल और डॉ0 संदीप कोटवाल ने एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन्स पर जानकारी दी। पंचम दिवस पर भी दोनों कार्यक्रमों ने समान रूप से उत्साहजनक माहौल बनाए रखा। यूजी सत्रों में दिन की शुरुआत धन्वंतरि प्रार्थना से हुई तथा छात्रों ने लघुत्रयी और अष्टांग हृदय पर व्याख्यान डॉण् दीप चूनेरन, शरीर क्रिया के सिलेबस ओरिएंटेशन डॉ0 अरीब हुसैन और बृहत्रयी-चरक, सुश्रुत एवं वाग्भट का परिचय डॉ0 उदय कुमार सी प्राप्त किया। संस्कृत ओरिएंटेशन डॉ0 अरिमर्दन, माय रूट्स इन आयुर्वेदष् चिंतन गतिविधि डा0 नीतू श्री, गुड वैद्य एवं प्रोफेशनल कॉड ऑफ कंडक्ट डॉ0 भारती पंचाल, भारतीय दर्शन एवं दर्शनों की भूमिका डा0 आदित्य रतन सिंह तथा दिन के अंत में माइंडफुलनेस सत्र डॉ0 कविता नेगी द्वारा आयोजित हुए। कौशल एवं टेक्नोलॉजी आधारित गतिविधियाँ केंद्र में रहीं। दिन की शुरुआत डॉ0 मधु रंजन द्वारा पीपीटी तैयारी एवं पोस्टर निर्माण कार्यशाला से हुई। डॉ0 अरुण कुमार पांडे ने तनाव प्रबंधन, योग, ध्यान एवं विश्राम तकनीकों पर सत्र लिया। तकनीकी दक्षता बढ़ाने हेतु राहुल ने इंटरनेट ब्राउज़िंग, चैट जीटीपी एवं मेटा एआई के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया, जबकि डॉ0 आशा कुमारी एलएस ने वैज्ञानिक जर्नल ब्राउज़िंग कार्यशाला संचालित की। अनिकेत ने कम्प्यूटर बेसिक्स एवं एमएस ऑफिस प्रशिक्षण आयोजित किया। डॉ0 श्वेता सिंह राठौर व डॉ0 धनराज पटेल ने स्टेरिलाइजेशन तकनीकों, सर्जिकल ड्रेप्स के उपयोग तथा स्क्रबिंग तकनीकों का ओरिएंटेशन प्रदान किया।विद्यार्थियों की क्लिनिकल और सर्जिकल तैयारी को और अधिक मजबूत आधार मिला। डॉ0 दीप चूनेरा ने संचालित मनोरंजक गतिविधियों और टैलेंट शो के साथ समापन किया।
चतुर्थ और पंचम दिवस के इन संयुक्त कार्यक्रमों ने संस्थान की उस शैक्षणिक दृष्टि को और मजबूत किया। जिसका उद्देश्य सक्षम, आत्मविश्वासी, करुणाशील और तकनीकी रूप से प्रवीण आयुर्वेदिक पेशेवर तैयार करना है। अकादमिक मार्गदर्शन, कौशल-विकास, डिजिटल लर्निंग, व्यक्तित्व संवर्धन और माइंडफुलनेस के संतुलित संयोजन ने विद्यार्थियों की भविष्य की आयुर्वेदिक यात्रा के लिए एक सुदृढ़ आधार स्थापित किया।
मेडिकल कालेज में यूजी ट्रांजिशनल करिकुलम व पीजी ओरिएंटेशन के कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
