समृद्धि न्यूज। प्रयागराज में कोडीन युक्त कफ सीरप की अवैध बिक्री के मामले में औषधि निरीक्षक संतोष कुमार पटेल की ओर से लगातार दूसरे दिन एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं सुलतानपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त जांच में कोडीन युक्त खांसी के सिरप की बड़े पैमाने पर अवैध बिक्री का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि थोक दवा लाइसेंस का दुरुपयोग कर इन दवाओं को बिना वैध बिल और डॉक्टरी पर्चे के खुले बाजार में बेचा जा रहा था, जिनका उपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था। प्रयागराज के धूमनगंज थाने में मेसर्स आशुतोष फार्मा के संचालक आशुतोष पटेल के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है, जिस पते पर दवा व्यापार का लाइसेंस निर्गत हुआ। वहां न तो व्यापार होता मिला न किसी तरह का भंडारण। एक लाख 20 हजार शीशी कफ सीरप (100 मिली) खरीदने का इनवाइस बिल मिला, लेकिन उन्हें बेचने की कोई जानकारी नहीं दी गई। आशंका है कि कफ सीरप का ज्यादा इस्तेमाल लोग नशे के लिए करने लगे हैं। इसकी पड़ताल खरीद बिल के सत्यापन से की जा रही है।
वहीं सुल्तानपुर में मेसर्स अमर फार्मास्यूटिकल्स के मालिक पुष्पेंद्र कुमार सिंह निवासी मलिकपुर बखरा थाना मोतीगरपुर सुल्तानपुर पर गंभीर आरोप लगे हैं। उनकी फर्म ने एक ही कंपनी से 3 लाख बोतल (कुल 3 करोड़ मिलीलीटर) एस्कफ सिरप खरीदा, लेकिन किसी भी बोतल का विक्रय बिल प्रस्तुत नहीं किया। फर्म के बैंक खाते से मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज को दो बार में कुल 23.52 लाख रुपये (12 सितंबर को 11.76 लाख और 23 सितंबर को 11.76 लाख) ट्रांसफर किए गए। अधिकारियों को संदेह है कि यह राशि अवैध कारोबार से संबंधित है। 26 नवंबर की रात पुष्पेंद्र के घर पर छापा मारा गया, जहां कोई दवा नहीं मिली, लेकिन उन्हें चार बिलों के साथ नोटिस जारी किया गया।
प्रयागराज व सुल्तानपुर में कोडीन युक्त कफ सिरप की कालाबाजारी, एफआईआर
