यूजी ट्रांजिशनल करिकुलम व संस्कार पीजी ओरिएंटेशन कार्यक्रम सम्पन्न

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मेजर एसडी सिंह पीजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में आयुरप्रवेशिका (यूजी ट्रांजिशनल करिकुलम) तथा संस्कार (पीजी ओरिएंटेशन कार्यक्रम) के नवम दिवस का आयोजन किया गया। यह दिन ज्ञानवर्धक व्याख्यानों और व्यक्तित्व विकास सत्रों से परिपूर्ण रहा, जिसका उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक तथा व्यावसायिक रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
पीजी ओरिएंटेशन कार्यक्रम (संस्कार) की शुरुआत सुबह 9 बजे से सेमिनार प्रस्तुति के साथ हुई। संचालन डॉ0 गगन एवं डॉ0 आस्था ने किया। पीजी 2025 बैच के विद्यार्थियों ने अपने विषयों पर प्रभावी प्रस्तुति दी। हील बाय इंडिया एवं हील इन इंडिया विषय पर विशेष अतिथि डॉ0 स्वप्ना स्वामप्रवा ने प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किया। जिसमें भारत की वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका और आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के लिए उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला। अगला सेमिनार सत्र ’डॉ0 मधु रंजन के समन्वय में आयोजित किया गया। जिसमें डॉ0 कात्यायनी और डा0 प्रीति ने शैक्षणिक प्रस्तुति कौशल को मजबूत किया। यूजी ट्रांजिशनल करिकुलम (आयुरप्रवेशिका) में डॉ0 आनंद बाजपेयी ने राष्ट्र निर्माण भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा में आयुर्वेद की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ0 अरिमर्दन ने संस्कृत व्यवहार एवं आयुर्वेदिक पारिभाषिक शब्दावली पर प्रशिक्षण दिया, जो छात्रों के शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। श्वैश्विक स्वास्थ्य में आयुर्वेद की गौरवशाली भूमिका पर प्रेरक व्याख्यान डॉ0 जितेंद्र रॉय गौड़ द्वारा प्रस्तुत हुआ। डॉ0 विकास बाबू ने सांस्कृतिक परंपरा के साथ लक्ष्य निर्धारण विषय पर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। दोपहर में अनिकेत द्वारा ई-संस्कार, डिजिटल कौशल (एम वल्र्ड, एक्शल, पावर प्वांइट) पर प्रशिक्षण दिया। छात्रों में तकनीकी दक्षता विकसित की जा सके। अगले सत्र में डॉ0 रुचि ने आयुर्वेद नैतिकता एवं सद्धत्त के संदर्भ में व्याख्यान दिया, जिसमें आचारशास्त्र और स्वस्थ व्यवहार की महत्ता समझाई गई। आयुर्वेदिक रोग विज्ञान एवं निदान पंचक पर डॉ0 पुष्पेन्द्र यादव का सत्र आयोजित हुआ। यूजी और पीजी दोनों कार्यक्रमों का नवम दिवस अत्यंत ज्ञानवर्धक, कौशल विकासोन्मुख एवं प्रेरणादायक रहा। कॉलेज द्वारा आयोजित ये सत्र आयुर्वेदिक छात्रों को सक्षम, अनुशासित और वैश्विक दृष्टिकोण वाले स्वास्थ्य विशेषज्ञ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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