शातिर पड़ोसियों से आजिज महिला ने डीएम से लगायी गुहार

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पीडि़त महिला ने उसके मकान की पड़ोसी द्वारा दीवारें काटकर जमीन को अपने कमरे में अविधिक रूप से सम्मिलित करने तथा दीवार कटने से उत्पन्न खतरे के संबंध में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है।
जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती प्रार्थना पत्र में राजेश्वरी वर्मा पत्नी स्व0 विनोद कुमार वर्मा निवासी नाला मछरटट्टा थाना कोतवाली फर्रुखाबाद ने कहा है कि वह एक वृद्ध विधवा महिला है। उसका पैतृक मकान लगभग 70-80 वर्षों पुराना उपरोक्त पते पर स्थित है जिसमें वह परिजनों सहित निवास करती है। उक्त भवन की दीवारें पुराने ढंग की काफी मोटी-मोटी बनी हुई हैं। उक्त भवन अब काफी जीर्ण शीर्ण हो चुका है जिसका जीर्णोद्वार आवश्यक होने के कारण पीडि़ता द्वारा कार्य शुरू कराया गया परन्तु पड़ोस के रहने वाले सुदीप गुप्ता पुत्र भोजराज ने झूठा शिकायती प्रार्थना पत्र दिनांक 16.05.2025 को नगर मजिस्ट्रेट को इस आशय का प्रस्तुत कर दिया कि पीडि़ता द्वारा बिना मनचित्र स्वीकृत कराये अवैध निर्माण कराया जा रहा है जिस पर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा बिना कोई जांच कराये निर्माण कार्य रूकवाये जाने का आदेश पारित कर दिया गया, जबकि पीडि़ता के पड़ोसी सुदीप गुप्ता द्वारा स्वंय ही बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अपने भवन में नव निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसकी बावत पीडि़ता के पुत्रों द्वारा दिये गये शिकायती प्रार्थना-पत्र पर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा विपक्षीगण से मिलीभगत करके आख्या प्रेषित कर दी गयी कि उक्त भवन 70-80 वर्ष पुराना तथा 100 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल का है। जिसमें जीर्णशीर्ण दीवारों की मरम्मत कराई जा रही है, अनुमति की आवश्यकता नहीं है। इस प्रकार एक ही प्रकृति की शिकायतों पर दो अलग-अलग विरोधाभासी आदेश पारित किये गये। जिसका अविधिक लाभ उठाते हुये सुदीप गुप्ता द्वारा अब अपने मकान से होकर पीडि़ता के मकान की ढाई से तीन फीट दीवार काटकर अपने मकान में मिलाने का प्रयास किया जा रहा है तथा दिनांक 07.05.2025 को थाना कोतवाली फर्रुखाबाद व अवर अभियंता विनि0 क्षेत्र द्वारा समझौता कराया गया था जिसमें दोनों पक्षकारों ने अपनी अपनी दीवार स्वंय उठाई थी। दिनांक 17.11.2025 को पीडि़ता के मकान की दीवार को अपने मकान के अंदर से ही ड्रिल मशीनों द्वारा अवैध रूप से कटवाना व घन (हथौड़ा) से तुड़वाना शुरू कर दिया जिसकी धमक से पीडि़ता के मकान का खस्ताहाल प्लास्टर गिरने लगा और छत का प्लास्टर गिरने से पीडि़ता के सिर व हाथ में गंभीर चोट आयी। जब पीडि़ता ने इस सम्बंध में सुदीप गुप्ता से शिकायत की तो सुदीप गुप्ता व उनके परिजन पीडि़ता के साथ गाली-गलौज करते आमादा फसाद हो गये। पीडि़ता एक वृद्ध महिला है जबकि सुदीप गुप्ता आदि दबंग किस्म के प्रभावशाली व्यक्ति है और राजनैतिक पहुंच रखते हैं। जिसके चलते नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में भी पीडि़ता के पक्ष की कोई सुनवाई नही की जाती है, जबकि उनके द्वारा असत्य तथ्यों पर दिये गये प्रार्थना-पत्रों नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण विस्तृत आदेश पारित कर दिये जाते हैं जिसकी एक बानगी हर्षित गुप्ता पुत्र सुदीप द्वारा द्वारा दिनांक 16.05.2025 को दिये गये प्रार्थना-पत्र पर कार्यालय नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.06.2025 के विस्तृत आदेश से स्पष्ट होती है कि किस प्रकार से पीडि़ता को न्याय से वंचित कर प्रताडि़त किया जा रहा है। उक्त आदेश में अंकित किया गया है कि विवाद मकान सम्बंधित है इसलिये सक्षम न्यायालय में चाराजोई कर अनुतोष प्राप्त करें तथा थाना कोतवाली को आदेशित किया गया कि वह मौके पर कोई निर्माण कार्य न होने दें। पीडि़ता का उक्त मकान बिल्कुल जीर्ण शीर्ण हालत में है और कभी भी गिर सकता है। जिससे पीडि़ता व अन्य परिजनों की जान जा सकती है। पीडि़ता दिनांकित 17.11.2025 को घटित घटना की शिकायत करने चौकी गयी तो पुलिस वालों ने कहा कि मकान का मामला है। जिलाधिकारी से आदेश कराकर लाओ तभी कोई कार्यवाही होगी।

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