समृद्धि न्यूज। बरेली निवासी नूरजहां ने इस्लाम धर्म छोड़ दिया है। पति के तीन तलाक देने के बाद उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है। नूरजहां ने अपना नाम पूनम रख लिया है और धर्मपाल से हिंदू रीति रिवाज के साथ शादी कर ली है। पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने से दुखी नूरजहां के जीवन में अब खुशियों की नई बहार आई है। तीन तलाक की पीडि़ता नूरजहां ने इस्लाम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म अपना लिया है और अपना नाम पूनम रख लिया है। अब उन्होंने धूमधाम से बरेली के धर्मपाल के साथ शादी कर ली है। एक मंदिर में पंडित ने विधि विधान से पूनम और धर्मपाल का विवाह कराया। जिसमें दोनों परिवारों के लोग शामिल हुए और जोड़े को आशीर्वाद दिया। पूनम का कहना है कि उन्होंने इस्लाम धर्म छोडऩे का फैसला इसलिए किया क्योंकि वे तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं से परेशान थीं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस्लाम में तीन बार तलाक दिया जा चुका है और हलाला की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ी। इसके अलावा, हिजाब और बुर्का पहनना पसंद नहीं था। इन सभी कारणों ने उन्हें हिंदू धर्म अपनाने की ओर प्रेरित किया। पिछले पांच साल से भगवान राम की भक्ति करती रही हैं। वे नियमित रूप से मंदिर जाती हैं और पूजा अर्चना करती हैं। यही वजह थी कि उनके परिवार वाले अक्सर उन्हें इस धार्मिक गतिविधि के लिए डांटते थे। अपने आस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के कारण पूनम ने हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया। धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया विधिपूर्वक पंडित केके शंखधार ने पूरी की। उन्होंने गायत्री मंत्र का जाप कर उन्हें हिंदू धर्म में शामिल किया। इसके बाद दोनों की शादी भी विधि विधान से मंदिर में संपन्न हुई। मूलरूप से लखीमपुर खीरी की रहने वाली नूरजहां दिल्ली के मुंडेरा इलाके में किराए पर रहती थीं। वे एक खिलौना बनाने वाली फैक्ट्री में काम करती थीं। यहीं उनकी मुलाकात बरेली के रहने वाले धर्मपाल से हुई। धर्मपाल भी दिल्ली में मजदूरी करते थे और किराए के कमरे में रहते थे। धीरे धीरे उनकी दोस्ती गहरी हुई और प्यार में बदल गई। धर्मपाल ने नूरजहां को लेकर बरेली में पंडित केके संखधार से संपर्क किया और दोनों की शादी की इच्छा जताई। पंडित जी ने विधि विधान से दोनों की शादी संपन्न कराई।
बरेली: तीन तलाक पीडि़ता नूरजहां ने इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपनाया, मंदिर में धर्मपाल से किया विवाह
