समृद्धि न्यूज। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में लाखों लोगों ने एक साथ भगवद गीता का पाठ किया। सामूहिक गीता पाठ में साधु-संतों के साथ कई भाजपा नेता भी शामिल हुए। आयोजकों ने इसका उद्देश्य आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना बताया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सनातन संस्कृति संसद ने विशाल सामूहिक गीता पाठ का आयोजन किया। कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री, साध्वी ऋतंभरा, राज्यपाल और भाजपा नेताओं सहित लाखों लोग इसमें शामिल हुए। आयोजकों ने इसे राज्य का सबसे बड़ा गीता पाठ बताया। जिसका उद्देश्य आध्यात्मिक विरासत जगाना और सामाजिक सद्भाव बढ़ाना है, हालांकि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
#WATCH | Kolkata | On mass recital of Bhagwat Gita, WB Governor CV Ananda Bose says, "When people of the young generation want to recite Gita, it becomes a matter of national pride…" pic.twitter.com/GlsHsYKyUw
— ANI (@ANI) December 7, 2025
इस अवसर पर लाखों भक्त ब्रिगेड मैदान पहुंचे है। वेदों के पाठ के बाद सामूहिक गीता पाठ किया गया। सनातनियों को ढाक, खोल और झांझ के साथ नृत्य करते देखा गया। ब्रिगेड मैदान उलू और शंख की ध्वनि से गूंज उठी। ज्ञानानंदजी महाराज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। राज्यपाल सीवी आनंद बोस सामूहिक गीता पाठ के आयोजन पर उपस्थित हुए। उनके मुंह से गीता के शब्द सुनाई दिए, उन्होंने करप्शन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने श्री कृष्ण-अर्जुन की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि कैसे श्री कृष्ण ने महाभारत के उस भयानक युद्ध में अर्जुन को सही रास्ता दिखाया। पंच लाखो कंठे गीता पाठ, नाम से आयोजित यह कार्यक्रम सनातन संस्कृति संसद की ओर से कराया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग मठों और हिंदू धार्मिक संस्थानों से जुड़े साधु संत शामिल हैं। अग्निमित्रा पॉल ने कहा, गीता केवल हिंदुओं के लिए नहीं, यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए है।
कार्यक्रम का मकसद बंगाल की आध्यात्मिक विरासत को याद करना और धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। इसे राज्य ही नहीं, शायद देश में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक गीता पाठ माना जा रहा है। कार्तिक महाराज ने कहा, विभाजन के माहौल में आध्यात्मिक साधना शांति और दिशा दे सकती है। पांच लाख लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन मेडिकल सेवाओं की विस्तृत व्यवस्था की गई है। तीन बड़े मंच बनाए गए हैं और कोलकाता के मध्य क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि गीता पाठ का चुनावों से कोई सीधा लेना देना नहीं है पॉलिटिक्स तो पॉलिटिक्स ही रहेगी, गीता हमेशा रहने वाली है। कल हमने जो देखा, उससे साफ पता चलता है कि हिंदू वोट को बांटने और मुस्लिम वोट को एक करने की साजिश चल रही है। कार्यक्रम के आयोजकों से एक कार्तिक महाराज ने कहा कि पांच लाख लोगों द्वारा गीता पाठ का आयोजन सनातन संस्कृति संसद कर रहा है, जो अलग अलग मठों और हिंदू धार्मिक संस्थानों से आए साधुओं और आध्यात्मिक नेताओं का समूह है।
