आधार कार्ड, खतौनी देखकर मिल रही यूरिया, डीएपी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गेहूं और आलू की फसल के लिए किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यूरिया और डीएपी की मांग अधिक होने के कारण इफको केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मंगलवार को सातनपुर मंडी स्थित केंद्र पर किसान खाद लेने के लिए लाइन में लगे दिखे। खाद का वितरण आधार कार्ड और खतौनी के हिसाब से किया जा रहा है। फर्रुखाबाद जिले को एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी के रूप में जाना जाता है। यहां आलू के साथ-साथ गेहूं की भी अच्छी पैदावार होती है। कायमगंज क्षेत्र में तंबाकू की खेती भी की जाती है। इन प्रमुख फसलों के लिए किसानों को यूरिया और डीएपी की आवश्यकता होती है। खाद वितरण केंद्रों पर किसान सुबह से ही पहुंचना शुरू कर देते हैं। केंद्र सुबह 9 बजे खुलते हैं और खाद का वितरण 10 बजे से शुरू होता है। इसके बावजूद किसानों को शाम 4 से 5 बजे तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। सातनपुर स्थित इफको क्रय केंद्र पर मंगलवार को खाद वितरण के दौरान किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। किसान अमलेश ने बताया कि वह सुबह 9 बजे खाद लेने आए थे और उन्हें दोपहर करीब 12 बजे खाद मिल पाई। उन्होंने यह भी बताया कि खाद के साथ एक अन्य पैकेट भी दिया जा रहा है। किसान शिव शंकर ने व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लाइन में लगना पड़ रहा है, लेकिन वितरण में कोई अन्य दिक्कत नहीं है। इफको के केंद्र्र के प्रभारी ने बताया सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक केंद्र खुलने का समय है। सेंटर समय से खुलता है और खाद किसानों को बांटी जा रही है। कभी-कभी सरवर की समस्या हो जाती है तो दिक्कत आ जाती है, लेकिन अन्य कोई समस्या नहीं है।
इफको सेंटर पर खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें
