समृद्धि न्यूज। देश में 10 दिसंबर को दिवाली जैसा खास माहौल इसलिए बनाया जा रहा है, क्योंकि न्छम्ैब्व् की इंटरगवर्नमेंटल कमेटी की बैठक दिल्ली के लाल किले में चल रही है, जिसमें दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने पर विचार होना है। इसी खुशी और तैयारी के तहत लाल किला, चांदनी चौक और दिल्ली की कई सरकारी इमारतों को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जा रहा है। देशभर की ऐतिहासिक धरोहरों में आज (बुधवार) को दिवाली मनेगी। उन्हें रोशनी से गुलजार किया जाएगा। यूनेस्को की ओर से आज सुबह भारत के दिवाली पर्व को अमूर्त विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने की उम्मीद है। इसी का उत्सव मनाने के लिए सभी ऐतिहासिक धरोहरों को रोशनी से नहलाकर फिर दिवाली मनाई जाएगी। इसका मकसद, यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल समेत विदेशी मेहमानों को दिवाली से रूबरू कराना है। दिल्ली सरकार विशेष रूप से ऐतिहासिक स्मारकों पर दिवाली जैसी तैयारी कर रही है। मालूम हो कि भारत ने मार्च, 2024 में दिवाली को अमूर्त विश्व धरोहर में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि ऐतिहासिक स्मारकों के साथ साथ दिल्ली सरकार की इमारतों को भी दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र लाल किला रहेगा, जहां विशेष समारोह आयोजित होगा। चांदनी चौक इलाके में रंगोली सजाने की भी तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर बैठक में चर्चा के बाद लाल किले से यूनेस्को की ओर से एलान हो सकता है। बैठक में 180 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। यह पहली बार है जब भारत यूनेस्को पैनल की किसी बैठक की मेजबानी कर रहा है। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल एनानी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी0 शर्मा उपस्थित रहे।
10 दिसंबर आज फिर सजेगी दिल्ली, मनाई जाएगी दिवाली, यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल हो सकती है दीपावली
