जूनियर हाई स्कूल शाहपुर नाउ में दीवार गिरने से कक्षा 6 के छात्र की दर्दनाक मौत,शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

हरदोई , समृद्धि न्यूज। जनपद के शाहाबाद क्षेत्र स्थित जूनियर हाई स्कूल शाहपुर नाउ में एक हृदयविदारक हादसा हो गया। विद्यालय परिसर में अचानक दीवार गिरने से कक्षा 6 में अध्यनरत एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना से जहां छात्र के परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्लाक शाहाबाद के जूनियर हाई स्कूल शाहपुर नाउ में छात्र विद्यालय समय के दौरान परिसर में मौजूद थे। इसी दौरान विद्यालय की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में कक्षा 6 का छात्र आ गया। दीवार के नीचे दबने से छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। विद्यालय स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से छात्र को तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।वहीं विद्यालय में कार्यरत अनुदेशक का वेतन भी रोक दिया गया है।मृत छात्र ब्लाक के गांव बिहिगवा के हरिकरण का पुत्र है जो शाहपुर नाउ में कक्षा 6 का छात्र है।वहीं विभागीय अधिकारियों का मानना है कि विद्यालय परिसर की जर्जर स्थिति के बावजूद समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए,जिसके चलते यह हादसा हुआ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी भरखनी को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि विद्यालय भवन और दीवार की स्थिति को लेकर पहले कोई रिपोर्ट दी गई थी या नहीं, तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से किया गया या नहीं। इसके साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुचिता पूर्ण कार्रवाई न करने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी शाहाबाद को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो आगे और कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
मृत छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने विद्यालय प्रशासन और संबंधित शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल की दीवार काफी समय से जर्जर हालत में थी, जिसकी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिजनों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दीवार की मरम्मत कराई जाती या बच्चों को उस स्थान से दूर रखा जाता, तो आज उनके बच्चे की जान बच सकती थी।

घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भी भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने विद्यालयों की जर्जर इमारतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही लगातार सामने आ रही है। कई अभिभावकों ने मांग की कि जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों के भवनों की तत्काल जांच कराई जाए और जो भवन या दीवारें जर्जर हालत में हैं, उन्हें उपयोग से बाहर किया जाए।

फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी यह संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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