फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। गलन भरी सर्दी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। भीषण सर्दी के आगे बचाव के सारे इंतजाम काफी लचर साबित हो रहे हैं। गौशालाओं में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बेजुवान गोवंश ठिठुरने को मजबूर हैं। प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र में न तो अलाव लगवाने की व्यवस्था की और न कंबल वितरण कराया। इससे गरीब.बेसहारा कंपकंपा रहे हैं। कड़ाके की सर्दी से एक तरह से जिदगी ठहर सी गई है, न सिर्फ कारोबार बल्कि अन्य क्षेत्रों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। बेजुबानों की हालत तो इस सर्दी में काफी खराब हो रही है। कुछ गोशालाओं में सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कराया गया है। गलन भरी सर्दी के कारण पशु-पक्षी बेहाल हैं। यही नहीं सर्दी का फसलों पर भी असर पड़ रहा है। बुधवार को विजिबिलिटी काफी कम रही। जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। सुबह 6 बजे विजिबिलिटी लगभग 20 मीटर थी। जो 9 बजे तक बढक़र 50 मीटर हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा और भी घना था। इटावा-बरेली हाईवे और फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान १९ डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान १० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 21 प्रतिशत रहा। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा अभी तक लकडिय़ों की व्यवस्था नहीं की गई है और वे अपनी निजी व्यवस्था से आग जला रहे हैं। सबसे ज्याद परेशानी रोज कमाने खाने वालों को हो रही है। सर्दी के चलते उनकी दुकानदारी न के बराबर हो रही है। सर्दी के चलते लकड़ी व कोयले के दाम भी आसमान पर पहुंच गये हैं। इलेक्ट्रानिक की दुकानों पर ब्लोअर व रुम हीटर की अधिक बिक्री हो रही है।
कड़ाके की सर्दी में जन जीवन प्रभावित, आग बनी सहारा
