सैफई, समृद्धि न्यूज। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा केंद्रीय कारागार इटावा में निरुद्ध सिद्धदोष बंदी की बीमारी के चलते मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उसे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार तड़के उसकी मृत्यु हो गई।
केंद्रीय कारागार प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान लक्ष्मण सिंह 68 बर्षीय पुत्र रामशंकर उर्फ शंकर, निवासी वीरपुर सलेमपुर, थाना बकेवर, जिला इटावा के रूप में हुई है। वह थाना फफूंद जनपद औरैया में दर्ज हत्या के मामले में दोषसिद्ध था। अपर सत्र न्यायाधीश-3, इटावा ने 30 जुलाई 1983 को उसे धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 17 मार्च 2025 को उसकी अपील निरस्त कर दी गई थी।
बताया गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इटावा के आदेश पर 2 जून 2025 को उसे आजीवन कारावास भोगने के लिए केंद्रीय कारागार में दाखिल कराया गया था। कारागार प्रशासन के अनुसार बंदी लंबे समय से पुराने सीवीए (ब्रेन स्ट्रोक) और सामान्य कमजोरी से पीड़ित था। जिसे 15 दिसंबर को हालत गंभीर हो गई। उसे उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय मे भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान रविवार तड़के मौत हो गईं। मौत की सूचना जेल वार्डर भूपेंद्र सिंह द्वारा उच्चाधिकारियों को दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के स्वजन सैफई पहुंचे। पुलिस ने स्वजनों की मौजूदगी मे पंचनामा एव पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की।
हत्या के मामले में आजीवन सजा काट रहा सिद्धदोष बंदी की बीमारी से मौत
