चौका चूल्हा छोड़ सुबह से ही लाइन में लग रहीं महिलाएं
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सरकार के सख्त आदेश के बाद भी खाद के लिए मारामारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। खाद के लिए ग्रामीणों की बात छोड़ो, महिलायें भी लाइन में लग रही हैं। इसका जीता जागता उदाहरण इफको केंद्रों पर देखने को मिल जायेगा, जहां भीषण सर्दी में सुबह से ही अन्नदाता पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं।
कायमगंज के इफको बाजार लिमिटेड केंद्र पर सोमवार सुबह से ही खाद खरीदने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में किसान, जिनमें महिलाएं भी शामिल रहीं, अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। लाइन में लगी परिउली गांव की सीता, नन्हीं देवी, रानीपुर गौर की सोमश्री, ओझन नगला की प्रेमवती और रामसखी, चौखडय़िा की मुन्नी देवी तथा अहमदगंज की मिथलेश ने बताया कि वे सुबह करीब 8 बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन दोपहर 3 बजे तक भी उनका नंबर नहीं आ सका। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रही हैं। शनिवार को मशीन खराब होने के कारण उन्हें बिना खाद के वापस लौटना पड़ा था। किसानों का कहना है कि निजी दुकानों पर यूरिया के दाम काफी अधिक हैं। जिससे वे उसे खरीदने में असमर्थ हैं। साथ ही दुकानदार मनमाने दाम वसूलने के अलावा यूरिया के साथ अन्य सामान खरीदने के लिए भी मजबूर करते हैं। इसी कारण किसान सरकारी केंद्र से खाद लेने को मजबूर हैं। इस संबंध में इफको बाजार केंद्र के संचालक सुधीर राजपूत ने बताया कि केंद्र पर खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में 948 बोरी यूरिया, डीएपी और एनपीके उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को यूरिया के साथ कोई अन्य वस्तु जबरन नहीं दी जा रही है। जो किसान मांगते हैंए उन्हें वही सामग्री दी जाती है। उन्होंने बताया कि केंद्र पर खाद की आपूर्ति प्रतिदिन हो रही है, लेकिन वितरण क्षमता सीमित होने के कारण सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक प्रतिदिन लगभग 65 किसानों को ही खाद उपलब्ध कराई जा पा रही है।
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