समृद्धि न्यूज। भारत ने बंगाल की खाड़ी में बड़ा धमाका किया है। भारत ने स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस अरिघात से के-4SLBM का सफल परीक्षण किया है। इससे भारत की न्यूक्लियर ट्रायड और सेकंड-स्ट्राइक क्षमता मजबूत हुई। DRDO ने इस मिसाइल को विकसित किया है।
Reports indicate that India carried out an #SLBM test in the Bay of Bengal today.
It could be the K-4 SLBM night launch or K5 User trials, but there is no official confirmation yet. https://t.co/QZ4ggLHq8N pic.twitter.com/XhI33IAPXC— Defence Decode® (@DefenceDecode) December 23, 2025
सूत्रों ने पुष्टि की कि यह मिसाइल सॉलिड-फ्यूल वाली के-4 थीए जो दो-टन का न्यूक्लियर पेलोड ले जा सकती है। इस टेस्ट को भारत के न्यूक्लियर हथियारों के ट्रायड के समुद्री हिस्से को मजबूत करने के लिए जरूरी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक एक पूरी एनालिसिस से यह तय होगा कि टेस्ट असल में सभी तय टेक्निकल पैरामीटर और मिशन के उद्देश्यों को पूरा कर पाया या उसमें कुछ कमियां सामने आईं हैं। बता दें कि बैलिस्टिक मिसाइलों, खासकर पनडुब्बियों से लॉन्च की जाने वाली मिसाइलों को पूरी तरह से ऑपरेशनल स्टेटस हासिल करने में आमतौर पर कई टेस्ट लगते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने बंगाल की खाड़ी में समुद्र से लॉन्च होने वाली बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस टेस्ट से स्पष्ट हो गया है कि भारत अब धरती, आसमान और समंदर तीनों जगहों से दुश्मन के ठिकानों पर परमाणु हमला करने की क्षमता से पूरी तरह लैस हो चुका है। इस टेस्ट से पहले ही भारत ने विशाखापट्टनम तट से पहले ही जारी नोटम से मेल खाता है, इस नोटम का रेंज 3240 किमी है। हालांकि इस टेस्ट के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई ऑफिशिलय कंफर्मेशन नहीं आया है। नहीं इसकी रेंज और वैरिएंट के बारे में कोई जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि यह परीक्षण 23 तारीख की सुबह में हुआ था।
