अटल बिहारी बाजपेई की जन्म शताब्दी पर बही काव्य की धारा

 कवियों को किया गया सम्मानित
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व0 अटल बिहारी बाजपेई के कवि स्वरूप नमन करते हुए सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत कमला ग्रामोद्योग संस्थान के बैनर तले हुए कवि सम्मेलन में श्री राम वंदना व राष्ट्र वंदना के स्वर गूंजते रहे। मुख्य अतिथि व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सदानंद शुक्ला एवं कमला ग्रामोद्योग संस्थान के मंत्री राजू गौतम ने कवियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीती पवन तिवारी की वाणी वंदना से हुआ। स्मृति अग्निहोत्री ने भगवान श्री राम की वंदना प्रस्तुत की। वरिष्ठ गज़़लकार नलिन श्रीवास्तव ने स्व0 अटल को राष्ट्र से जोड़ते हुए पढ़ा-बहुत मुश्किल है कि कोई किसी की जान बन जाये, तेरी गर राख फैला दूं तो हिंदुस्तान बन जाये। उपकार मणि उपकार ने अटल के मनोभावों को युग से कुछ इस तरह जोड़ा-धधकते युग की व्यथा की आग ठंडी हो न जाए, इसलिए इस आग से फिर हवन करना चाहता हूं। वरिष्ठ गीतकार रामशंकर अवस्थी अबोध ने शहीदों को नमन किया- गेह से जो गये घर न लौटे कभी, उन शहीदों को मन से नमन कीजिए। इसके अलावा महेश पाल सिंह उपकारी, डा0 गरिमा पांडेय, प्रीति पवन तिवारी, स्मृति अग्निहोत्री, निमिष टंडन, वैभव सोमवंशी सुभग, कृष्णकांत त्रिपाठी अक्षर ने काव्यपाठ किया। अध्यक्षता अक्षर ने की तथा संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। सभी कवियों को स्मृतिचिन्ह व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर इंद्रा पाण्डेय, समाज सेवी संजय गर्ग, विजय मिश्रा, पुरुषोत्तम शुक्ला, सोनी शुक्ला, बाबी गौतम, सुनीता अग्निहोत्री, मंजू तोमर, नारायण दत्त द्विवेदी, युवा कवि विशाल श्रीवास्तव, जगमोहन गौतम, कृष्णा मिश्रा, किशन सक्सेना, कृष्णा, राज गौरव पांडेय आदि लोग मौजूद रहे। राजू गौतम ने सभी का ेआभार जताया।

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