फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। बस में लूटपाट कर रहे बदमाशों का विरोध करने पर दो पुलिस कर्मियों को बदमाशों ने गोली मार दी थी। जिसमें एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई थी।
6 अप्रैल 1993 में साहूकार सिंह ने थाना नयागांव जनपद एटा ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमें दर्शाया था कि मैं मुकदमे के संदर्भ में एटा से पैरवी करके वापस नया गांव बस संख्या यूएमडी/9331 से आ रहा था। बस को चालक अवधेश चल रहा था। इस बस में तमाम सवारियां बैठी थी। जैसे ही नयागांव बॉर्डर पर बस पहुंची, तभी गांव के सिपाही भानूप्रताप शर्मा, रामकिशन यादव मय राइफल के बस में चढ़ गए। जो नया गांव की तरफ अंतिम बस लेकर गए थे। समय करीब 7:30 पर जैसे ही बस नगला झौंत मौजा बिछौली थाना मेरापुर के पास पहुंची। गांव से पहले ही मास्टर रामदास निवासी झौंत द्वारा रोका और उसमे बैठा लिया, तभी गाड़ी में लगभग 100-150 कदम आगे ही चल पाई थी, रामनाथ यादव पुत्र मटरु लाल के मकान के पास 5-6 आदमी खड़े थे। जिन्होंने बस को रोकने को कहा।

जिस पर ड्राइवर से मास्टर रामदास ने कहा कि चलो गाड़ी मत रोको शराबी लोग हैं, तभी ड्राइवर ने गाड़ी कुछ आगे बढ़ा दी। उनमें से एक आदमी गाड़ी पर चढ़ गया और ड्राइवर को गालियां देते हुए अपने हाथ में तमंचा निकालकर धमकाया कि गाड़ी आगे बढ़ाई तो गोली मार दूंगा। ड्राइवर डर गया और उसने गाड़ी रोक दी। हाथों में तमंचा देख सिपाही ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बदमाश को पकडऩे की कोशिश की, तभी उसके दो साथी बदमाश तमंचा निकालकर बस में चढ़ आये और सवारियों को धमकी दी कि कोई भी अपनी जगह हिला तो गोली मार देंगे। इस दौरान सिपाहियों से मारपीट होने लगी। दोनों सिपाही पर बदमाश लिपट गए और बस के नीचे उतार ले गए। बदमाशों ने दोनों सिपाहियों के तमंचे से गोली मार दी। जिसके एक सिपाही भानूप्रताप शर्मा मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा गंभीर घायल हो गया। घटना के समय बस में बैठे नगपाल पुत्र राज बहादुर सिंह, शकूरे सिंह पुत्र रुप सिंह निवासी खरसुलिया थाना नयागांव व अन्य सवारी चालक परिचालक ने पूरी घटना देखी। परिचालक के कहने पर ड्राइवर गाड़ी भाग ले गया। उसी घटना में बदमाश कुंवर पाल यादव निवासी नौली थाना मेरापुर, रामविलास यादव निवासी लोह बनिया थाना मऊदरवाजा, राधे यादव निवासी नया नगला नवाबगंज की पहचान कर ली गई। कई लोग ज्ञात नाम पते बताए गए। मुकदमे के दौरान धनीराम उर्फ बरुआ, राधे पुत्र रघुवीर यादव, रामविलास पुत्र बादाम सिंह यादव की मृत्यु हो चुकी है। शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अपर जिला एवं शस्त्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त रामऔतार को धारा 396 के आरोप में दोषी करार दिया है। वहीं धारा 412 के आरोप से दोष मुक्त कर दिया। अभियुक्त राम अवतार जमानत पर है उसके जमानत निरस्त कर पुलिस अभिरक्षा में लेते हुए जिला कारागार भेज दिया गया। सजा सुनाए जाने के लिए 12 फरवरी की तिथि नियत की गई है।
