फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश भारतीय शिक्षा समिति कानपुर प्रांत द्वारा आयोजित चयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज दतिया द्वारा झांसी के द्वितीय दिवस पर प्रथम सत्र में डा0 जयप्रकाश मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश, भगवान सिंह सिंगर संभाग निरीक्षक झांसी, डॉ0 प्रदीप श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष, राकेश निरंजन अध्यक्ष कानपुर सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज झांसी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पर्चन कर उद्घाटन किया। जयप्रकाश का भगवान सिंह ने राकेश निरंजन का प्रधानाचार्य कल्पना सिंह ने एवं कोषाध्यक्ष डॉ0 प्रदीप श्रीवास्तव का अजय सिंह ने माल्यार्पण एवं सम्मान किया। अध्यक्ष डॉ0 जयप्रकाश ने संबोधन में सरस्वती शिशु मंदिर योजना का परिचय देते हुए बताया कि विद्या भारती की संरचना इतिहास एवं उत्पत्ति के बारे में बताया कि आचार्य को क्या-क्या गुण होना चाहिए। इसी क्रम में 1952 में संघ की प्रेरणा से सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना हुई। जो कि भारत की विद्या भारती संस्था नंबर एक स्थान रखती है। जो 1970 में विद्या भारती की स्थापना हुई। विद्या भारती करीब 34 लाख छात्राएं वर्तमान समय में अध्यनरत हैं। करीब डेढ़ लाख आचार्य भी हमारे संस्था में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं और हमारे देश के प्रत्येक राज्य में सभी जगह कौने-कोने पर विद्या भारती के संस्था खुल गई है। पहले मिजोरम में हमारी शाखा नहीं थी, अब वहां भी शाखा की शुरुआत कर दी गई है। विद्यालय की कोषाध्यक्ष डॉ0 प्रदीप श्रीवास्तव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है। संचालन अजय ने एवं पाठ योजना शिव सिंह, भगवान ने किया। व्यवस्था का संचालन विद्यालय की प्रधानाचार्य कल्पना सिंह ने की। इस अवसर पर फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, झांसी, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, दिवियापुर, जालौन, कालपी, कानपुर आदि जिलों के नवीन आचार्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
विद्या भारती द्वारा आचार्य प्रशिक्षण का हुआ आयोजन
