11 बजे तक अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था, मरीज करते रहे इंतजार
नवाबगंज, समृद्धि न्यूज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एसीएमओ सर्वेश कुमार व आर0सी0 माथुर ने निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। उसके बाद स्टॉक रूम, लेबर रूम, केंद्र की लैब का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड व स्टॉक रूम में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर की जांच की। सभी सिलेंडर भरे पाए गए। अस्पताल में कुछ अंदरूनी कमियां पाई गईं। निरीक्षण के बाद उन्होंने डाक्टर गौरव राजपूत को अस्पताल में मिली कमियों के लिए जमकर फटकार लगाई और जल्द से जल्द कमियों को सुधारने के निर्देश दिए।
मंगलवार शाम हुई घटना में उन्होंने डाक्टर गौरव राजपूत से मरीज नन्हेंलाल गुप्ता की अस्पताल में भर्ती होने और रेफर करने का समय पूछा, तो गौरव राजपूत के बताया कि मरीज नन्हेंलाल को साढ़े पांच बजे अस्पताल में भर्ती किया और 20 मिनट बाद मरीज को रेफर कर दिया। एसीएमओ ने बताया कि सिलेंडर में ऑक्सीजन थी। किसी कारण वश वह सिलेंडर काम नहीं कर रहा था। अस्पताल में लगभग 7 सिलेंडर मौजूद है। मरीज की हालत ज्यादा नाजुक थी। दूसरा सिलेंडर लगने को लेकर मरीज के परिजनों और वार्डवाय में नोंकझोंक हो गई थी। घटना के समय डाक्टरों की मौजूदगी पूछे जाने पर एसीएमओ सर्वेश कुमार कोई संतोष जनक जवाब न देकर गोलमोल जवाब देने लगे और कहा कि जांच के बाद उचित कारवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसीएमओ ने पाया कि सुबह 11 बजे तक अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। अधीक्षक का कक्ष खुला था, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं था। एक्सरे कक्ष, इमरजेंसी कक्ष, दंत चिकित्सा कक्ष और ओपीडी कक्ष सहित अन्य कमरों पर बाहर से ताले लगे थे। इस दौरान कोकापुर गांव के निवासी रामसिंह कुत्ते के काटने का रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पर्चा बनवाकर बाहर इंतजार कर रहे थे। उन्हें मेडिकल स्टोर से सिरेंज खरीदकर लाने के लिए कहा गया था। सुबह 10 बजे फार्मासिस्ट राजीव यादव ने अस्पताल पहुंचकर औषधि कक्ष खोला। इसके बाद एलटी सुनील शुक्ला भी अस्पताल पहुंचे। हालांकि 11 बजे तक भी कोई चिकित्सक नहीं आया। रामकिशोर, अजय कुमार, अंशु कुमार और सुषमा देवी सहित कई अन्य मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। अंतत: इन मरीजों ने फार्मासिस्ट राजीव यादव को दिखाकर दवा ली और चले गए। डॉक्टरों के देर से आने या अनुपस्थित रहने के कारण अधिकांश मरीज कस्बे के निजी और झोलाछाप चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हैं। आपातकालीन स्थिति में डॉक्टरों को फोन करके बुलाया जाता है। चिकित्सा अधिकारी डॉ0 लोकेश शर्मा ने बताया कि वह दो सप्ताह की छुट्टी पर हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बुधवार को डॉ0 गौरव राजपूत की ड्यूटी थी, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि डॉ0 गौरव राजपूत लेटलतीफ क्यों पहुंचे।
एसीएमओ को सीएचसी में मिलीं कमियां, डॉ0 गौरव राजपूत को लगाई फटकार
