दहेज हत्या के मामले में पुलिस ने लगा दी थी एफआरफर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सुभासपा पार्टी के प्रवक्ता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य पर पत्नी की हत्या करने का मामला मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें एफआर लगा दी गई। एफआर के खिलाफ न्यायालय में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके विरुद्ध सावित्री देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम निवासी ग्राम गूरा पोस्ट मुरैया बुजुर्ग थाना तिर्वा जनपद कन्नौज ने न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश इसी एक्ट के यहां वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सीजेएम के आदेश को निरस्त करते हुए पुन: सुनवाई का आदेश दिया है। सावित्री देवी ने अपनी पुत्री मोनिका की मौत का जिम्मेदार पति उमेश यादव पुत्र रामेश्वर दयाल निवासी जाफरी, रिंकू यादव उर्फ शिव कुमार यादव पुत्र शेर सिंह यादव, ममता यादव पुत्री रामेश्वर दयाल निवासी जाफरी व शीबू खान उर्फ मोहम्मद राशिद पुत्र मोहम्मद हाजी मोहम्मद उमर खां निवासी भूसा मंडी को बनाया। उपचार के दौरान मोनिका की मौत हो गई थी। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने धारा 498ए, 304बी, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में पुलिस ने एफआर लगा दी। सावित्री देवी द्वारा प्रोटेक्स द्वारा की थी। जिसे सीजेएम न्यायालय ने निरस्त कर दिया। जिसके विरुद्ध सावित्री देवी ने न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश इसी एक्ट के यहां वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सीजेएम द्वारा किये गये आदेश को निरस्त कर अवर न्यायालय को निर्देशित किया कि इस निर्णय में दिए गए उपरोक्त ऑब्जेक्शन के आधार पर वादिनी मुकदमे को सुनकर विधि के अनुसार उसके प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र का निस्तारण करें। अवर न्यायालय का अभिलेख इस निर्णय की प्रतिलिपि के साथ संलग्न कर अभिलंब संबंधित अवर न्यायालय को वापस भेजा जाए। निगरानीकर्ता मामले की सुनवाई हेतु 15 सितंबर तिथि नियत की गई है।
