गंगा का जलस्तर बढ़ते ही प्रशासन हुआ सक्रिय, ग्रामीणों में दहशत

 उपजिलाधिकारी/तहसीलदार ने आधा दर्जन गांवों का किया निरीक्षण
गंगा में 80447 क्यूसेक व रामगंगा में 78977 क्यूसेक छोड़ा गया पानी
अमृतपुर, समृद्धि न्यूज। जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे ग्रामीणों की धडक़नें भी बढऩी शुरू हो गई हंै। साथ ही प्रशासन सक्रिय हो गया है। वहीं मंगलवार को सुबह गंगा नदी में नरौरा बांध से 80447 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे गंगा का जलस्तर बढक़र 136.80 पर पहुंच गया। अब गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं रामगंगा नदी में 78977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके कारण रामगंगा नदी में भी बाढ़ जैसी समस्या बन सकती है। जिसके चलते मंगलवार को उप जिला अधिकारी संजय सिंह ने तहसीलदार अभिषेक सिंह के साथ बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण किया। जिसमें आशा की मड़ैया, तीसराम की मड़ैया, नगरिया जवाहर, कंचनपुर सबलपुर, रामपुर, जोगराजपुर, बमियारी समेत आधा दर्जन गांवों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उप जिला अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि अभी किसी भी गांव में पानी नहीं गया है। गांव के बाहर पानी आ गया है। प्रशासन हर तरह से मुस्तैद है। नाव तैयार हैं। बाढ़ शरणालय खोल दिए गए हैं। बाढ़ चौकी अलर्ट हैं। लेखपालों को अपने क्षेत्र पर नजर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एसडीएम ने बताया कि नगरिया जवाहर में सडक़ कटी थी, लेकिन वहां पर निकलने की व्यवस्था है। अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वही बताया है कि मंझा की मड़ैया जाने वाली पुलिया के पास बरसात से मिट्टी कट गई है। बाढ़ में सडक़ कटने की आशंका है। जिसको लेकर एक्सईएन सिंचाई विभाग को पत्र लिखा जा चुका है।

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