पीडि़ता ने जिलाधिकारी से की शिकायत, एसपी ने सीओ को सौंपी जांच
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। उच्च न्यायालय में नौकरी लगवाने के नाम पर अधिवक्ता ने 14 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीडि़त परिवार ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए कार्यवाही करने की गुहार लगायी।
जानकारी के अनुसार कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना निवासी राजेश वाल्मीकि की पत्नी मीना ने आज जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती पत्र में कहा कि जान पहचान के अधिवक्ता महेश चंद्र मौर्या ने फोन से मेरे पति राजेश को बताया कि इलाहाबाद न्यायालय में चपरासी के पद पर वेकैंसी निकली हैं।

तुम्हारे तीनों बेटों की नौकरी लगवा दूंगा। मंै एस0सी0 हूँ आप भी एस0सी0 है और अधिकारी भी। तीन बेटों की नौकरी का झूठा झांसा देकर 7 लाख पहले तथा 7 लाख नौकरी लग जाने के बाद देने को कहा। मैंने 14 नवंबर को 33,000 रुपए फार्म भरने के लिये दिये। इसके बाद 19 नवंबर को 3 लाख रूपये, 02 दिसंबर को 1 लाख रुपये फिर दिये। 26 जनवरी को 3,50,000 रुपए व 20 दिसंबर 2022 को 3 लाख रूपये दिये। इसके बाद 28 फरवरी 2023 को 3 लाख रूपये नगद कचहरी में उक्त वकील को चेम्बर में दिये। जिसकी वीडियो व आडियो रिकार्डिंग भी मेरे पास है। मैंने कुल 14 लाख रूपया दिया था।
पीडि़त महिला ने बताया कि उक्त रुपए यूनियन बैंक विकास भवन फतेहगढ़ से साढ़े 9 लाख रूपये लोन लेकर व 4 लाख का जेवर गायत्री ज्वैलर्स सब्जी मण्डी फतेहगढ़ को बेचकर जुटाया था। काफी समय बीत जाने के बाद वकील ने कहा कि हम कुछ दिनों में ज्वाइनिंग लेटर दे देंगे। फिर कुछ दिन बाद बुलाकर कहा कि अभी तुम्हारे बच्चों का काम नहीं हुआ है, तो मैंने ने कहा कि काम नहीं हुआ है तो मेरा रूपया वापस कर दो, तो उक्त वकील ने एक महीने के बाद स्टाम्प पर अनुबन्ध लिखवाकर पांच लाख रुपये तीन किस्तों मे दिये और बाकी 9 लाख रुपया बाद में देने का आश्वासन दिया। उक्त अनुबन्ध पत्र में वकील ने स्टांप पर अपनी ओवर राईटिंग करके उल्टा मेरे ही खिलाफ लिख लिया कि मैंने 5 लाख रूपये ब्याज पर लिया है। रूपये मांगने पर महेश चन्द्र मौर्या एडवोकेट द्वारा धमकाया गया कि तुम्हें व तुम्हारे परिजनों को झूठे केस में फांस दूंगा अगर बचना चाहती हो तो तुम मुझे और पैसे लाकर दो। पीडि़ता के शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक के पास भेज दिया। वहां पहुंचकर पीडि़ता ने उसके साथ हुई जालसाजी की पूरी घटना पुलिस अधीक्षक को बतायी। एसपी ने पीडि़ता से कहा कि यह मामला क्षेत्राधिकारी को दे रहा हूॅ। वहीं इस प्रकरण की जांच करेंगे। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। पीडि़ता व उसका पति भोजपुर में ग्रामसभा में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं।
