कन्नौज। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इससे पहले भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने भी अपना नामांकन दाखिल किया था।
चौथे चरण के लिए 13 मई को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज दोपहर 12 बजे कन्नौज संसदीय सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने चार सेट में अपना पत्र दायर किया है। इस दौरान उनके साथ प्रो. रामगोपाल यादव, सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान, पूर्व विधायक कल्याण सिंह दोहरे और पार्टी के प्रदेश सचिव आकाश शाक्य प्रस्तावक के रूप में मौजूद हैं। उनके नामांकन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। सपा ने इससे पहले मैनपुरी से पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव को कन्नौज लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। अखिलेश ने नामांकन करने के बाद कन्नौज का चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नकारात्मक राजनीति को खत्म करेगा। हम कन्नौज की पहचान को आगे बढ़ाएंगे। हम कन्नौज के लोगों के सम्मान और विकास के लिये काम करेंगे। भाजपा ने कन्नौज का विकास रोक कर नकारात्मक राजनीति की। समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव ने कन्नौज से भाजपा उम्मीदवार सुब्रत पाठक के बयान पर कहा कि अब भी वह(कन्नौज) समाजवादी पार्टी का गढ़ है, जो जीत गया वह उसकी पहली और आखिरी जीत थी। उनके(सुब्रत पाठक) दिमाग में फितूर हो गया है। वहीं, शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अखिलेश यादव वहां से कई बार जीत चुके हैं, डिंपल यादव भी जीत चुकी हैं। सुब्रत पाठक का तो कोई नाम भी नहीं ले रहा है। अखिलेश यादव बड़े अंतर के साथ जीतेंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव तीन बार कन्नौज से सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में वह पहली बार सांसद चुने गये थे। उसके बाद वह 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गयी थीं। वर्ष 2014 के आम चुनाव में भी डिंपल ने इसी सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि साल 2019 के चुनाव में वह भाजपा के सुब्रत पाठक से पराजित हो गयी थीं।
