लखनऊ, समृद्धि न्यूज। बाराबंकी स्थित श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज एबीवीपी के छात्र भी घायल हुए हैं। इस घटना में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक बयान पर छात्रों ने बुधवार रात जोरदार हंगामा किया। बड़ी संख्या में छात्रों ने राजभर का आवास घेरकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि बीजेपी अपने सहयोगियों के खजाने में माल दे सकती है, लेकिन मान कभी नहीं देगी।
भाजपा किसी की सगी नहीं है… कल तक भाजपाइयों की अपनी ही ‘परिषद’ बनाम अपनी ही ‘वाहिनी’ हो रहा था, अब अपने तथाकथित राजनीतिक सहयोगी के ख़िलाफ़, उनके आवासों तक पर प्रदर्शन करवा रही है।
भाजपाइयों की ‘दरारवादी सोच’ अब अपने गुट में भी दरार डाल चुकी है। भाजपा के सहयोगी बने धन-लोलुप… pic.twitter.com/zayAkq7HDA
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 4, 2025
समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी को बेवफा करार देते हुए कहा कि यह पार्टी अपने सहयोगियों के साथ भी वफादारी नहीं निभाती। यह बयान तब आया जब बीजेपी की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया। राजभर ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गुंडा कह दिया था, जिसके बाद यह हंगामा शुरू हुआ। अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है, बीजेपी किसी की सगी नहीं है। कल तक भाजपाइयों की अपनी ही परिषद बनाम अपनी ही वाहिनी हो रहा था। अब अपने तथाकथित राजनीतिक सहयोगी के खिलाफ उनके आवासों तक पर प्रदर्शन करवा रही है। भाजपाइयों की दरारवादी सोच अब अपने गुट में भी दरार डाल चुकी है। अखिलेश ने राजभर पर तंज कसते हुए आगे कहा, उनकी सियासी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है। उनके हाथ पैर ठंडे पड़ गए हैं और चेहरा पीला पड़ गया है। अखिलेश का इशारा पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की तरफ था क्योंकि वे पीले रंग का गमछा पहनते हैं और उनका झंडा भी पीले रंग का है। अखिलेश-बड़े-बड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सामान्य पुलिसकर्मियों को आगे करके भाजपा की अंदरूनी लड़ाई से बचना चाहते हैं, बड़े वर्चस्ववादी पुलिस अधिकारी एसी में बैठकर, बड़े भाजपाइयों के सामने अपना तो यस सर-यस सर कर रहे हैं लेकिन सडक़ों पर, भाजपा के आनुषंगिक संगी-सहयोगियों के अभद्र व्यवहार के बावजूद अन्य कनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भाई-भाई कहकर हाथ जोडऩे को मजबूर कर रहे हैं।
