नौचंदी की जुमेरात पर अकीदतमंदों ने दरगाह पर टेका माथा

265वां सालाना उस 9 अगस्त से होगा शुरु
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। फतेहगढ़ की ऐतिहासिक गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल लोको रोड स्थित दरगाह हजरत मखदूम शाह सय्यद शाहबुद्दीन औलिया रह0 अलैह के आस्ताने पर सफर के महीने की चांद की पांच तारीख को पड़ी नौचंदी जुमेरात, अकीदत के साथ फातिहा ख्वानी कर मनाई गई। दरगाह शरीफ में फजर की नमाज के बाद से चादर पोशी और फातिहा का दौर चला।
हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की प्रतीक दरगाह पर नौंचदी जुमेरात पर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली। दरगाह के नायब सज्जादा नशीन की सरपरस्ती में फातिहा ख्वानी कर चादर पोशी कर जिसमें बड़ी तादाद में भीड़ उमड़ी और अपने अपने तरीके से अकीदत पेश की। सालाना उर्स शरीफ दरगाह हजरत मखदूम शाह सय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा का बतारीख 9,10,11 वा 12 अगस्त को मनाया जाएगा। 9 अगस्त को तहफ्फुज, अहले सुन्नत कॉन्फ्रेंस जोकि यह एक सूफी कॉन्फ्रेंस खानकाहों के सज्जादगान इसमें खिताब करेंगे। तारीख 10,11 में महफिले क़व्वाली और 12 को सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 02:02 मिनट पर इखतिताम होकर तकसीमे लंगर होगा। इन चार रोजा प्रोग्राम में खानकाह पर लंगर आम रहेगा। अल्लामा मौलाना मुहम्मद शोएब आतिर मदारी व तुलाबा जामिया चिश्तिया ने बेहतरीन अंदाज में कुरान पाक की तिलावत की। लोगों ने अपने-अपने तरीके से फूल व चादर चढ़ाकर अपनी अकीदत पेश कर खानकाह मे दुआएं मांगी। उधर खानकाह के नायब सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम चिश्ती साबरी मुजद्दिदी ने तकरीर कर कहा अहले बैत से मुहब्बत तमाम गुमराही से बचाती है और खानकाहों पर आपसी भाई चारा व मोहब्बत सभी से नफरत किसी से नहीं आज इसी पैगाम को हर खानकाह या दरगाह को आम करने की जरूरत है, क्योंकि इन सूफियों ने अपनी खानकाह के दरवाज़े पूरी आलमे इन्सानियत के खोल रखे है। साथ ही मुल्क की तरक्की, आपसी भाई चारे अमन और अमान के लिए दुआएं की गई। इस मौके इसरार साबरी, अंसार साबरी, रफत हुसैन मुहम्मद हनीफ उर्फ़ बबलू, मुहम्मद फहीम, मोबीन साबरी, अजहर हुसैन, मुबीन साबरी, अमीर आसिफ साबरी, शिवम, राहुल आदि अकीदमंद मौजूद रहे।

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