मोटा कमीशन के चलते निजी स्कूल संचालक है राजनीति में सक्रिय
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। निजी प्रकाशको द्वारा चिन्हित बुक डिपो पर सीबीएससी व आईएससी बोर्ड की किताबे खुलेआम धड़ल्ले से बिक रही है। शासन से लेकर प्रशासन तक अधिवक्ताओं के अलावा व्यापारियों एवं अन्य लोगों ने शिकायत की है। राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उसके बावजूद भी जिला प्रशासन ने अभी तक चिन्हित बुक डिपो संचालको व निजी स्कूल संचालको के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। कक्षा 1 से लेकर 12 तक की किताबे 3500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक वसूले जा रहे है। खुलेआम कमीशनखोरी के कारण कार्यवाही ठंडे बस्ते में पड़ी है। बीते सप्ताह जिला विद्यालय निरीक्षक नरेन्द्र पाल सिंह ने अग्रवाल बुक डिपो पर छापा मारा था। सख्त निर्देश दिया था कि एनसीआरटी की ही किताबे बेंची जाये। जबकि एनसीआरटी की किताबे उन दुकानों पर उपलब्ध नहीं है। 40 रुपये वाली कापी के भी 60 रुपये चिन्हित दुकान वसूल रहे है। कापी पे रोल पेपर चड़ाने वाले की कीमत मात्र 45 से 45 रुपये प्रति रोल है। उसके भी ९० रुपये रोल के हिसाब से अभिभावको से वसूले जा रहे है। पूरा पैकेट बनाकर फिक्स रेट के अनुसार लिये जा रहे है। अधिकांश स्कूल नेताओं के होने के कारण अधिकारी भी कार्यवाही करने से कतरा रहे है। जब अधिकारी ही कार्यवाही नहीं करेंगे तो आम जनता को क्या राहत मिलेगी। अभिभावको ने खुला आरोप लगाया कि नीचे से लेकर ऊपर तक मनमानी कीमत किताबो की वसूली जा रही है। इसके पीछे सभी लोग भ्रष्टाचार में लिप्त है। ऐसा नहीं है तो कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है। कुछ दिन बाद पूर्ण रुप से पढ़ाई शुरु हो जायेगी और चिल्लाते रह जायेंगे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोटी कीमत वसूलने वाले मोटे-मोटे दुकानदार माला-माल होते रहेंगे।
चिन्हित बुक डिपो संचालकों की बल्ले-बल्ले, कार्यवाही ठंडे बस्ते में
