समृद्धि न्यूज। सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड के दो शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस को शूटरों की मूवमेंट की सूचना मिली थी, जिस पर टीम ने शूटरों की घेराबंदी की। सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी मारे गए।
जानकारी के मुताबिक, सीतापुर के महोली निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में वांछित और एक-एक लाख रुपये के इनामिया बदमाश संजय तिवारी और राजू तिवारी की गुरुवार सुबह को पिसावां में पुलिस से मुठभेड़ हो गयी। गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गये। जिन्हे अस्पताल में भर्ती कराया।
जहां चकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पिसावां महोली मार्ग पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम काम्बिंग कर रही थी, तभी शूटर संजय तिवारी और राजू तिवारी बाइक से जा रहे थे। पुलिस ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया तो दोनों ने पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने भी जबावी फायरिंग की। जिससे दोनों शूटरों को मुठभेड़ में गोली लग गई। बदमाशों को गंभीरावस्था में जिला अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शूटरों की पहचान संजय तिवारी उर्फ अकील खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान के रूप में हुई है। दोनों मिश्रित के अटवा निवासी हैं।
बताते चले कि 8 मार्च को राघवेंद्र बाजपेयी की लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर हेमपुर ओवरब्रिज पर करीब दोपहर तीन बजे दो शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने 34 दिनों के बाद हत्याकांड का खुलासा कर एक पुजारी और दो अन्य को जेल भेजा था। इस मामले में दोनों शूटर फरार चल रहे थे। इनकी तलाश में टीमें लगी थीं।
आरोपी पुजारी शिवानन्द बाबा ने पुलिस को बताया था कि मंदिर में आने जाने के दौरान पत्रकार राघवेंद्र से हमारी दोस्ती हुई। करीब दो महीने पहले राघवेंद्र बाजपेई ने हमें आपत्तिजनक हालत में देखकर फोटो खींच ली थी। पत्रकार ने इस चीज को दबाने के लिए 20 लाख रुपए की मांग की थी। हमने कुछ पैसे देकर मामले को खत्म करने की बात कही तो वह नहीं माने। जिसके बाद हमने अपने मंदिर में आने वाले साथी असलम गाजी और निर्मल सिंह के साथ शूटरों को 4 लाख की सुपारी दी थी। हत्या करने के बाद पुजारी ने होटल में पार्टी की थी। वहीं, गोली मारने वाले दो शूटरों को वांछित घोषित किया गया था। उन्हें पकडऩे के लिए क्राइम ब्रांच की तीन टीमों के अलावा एसटीएफ की सात टीमें लगी थीं।
सीतापुर: पत्रकार हत्याकांड के मामले में एक-एक लाख के इनामी दो बदमाशों का एनकाउंटर, ढेर
