फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। संसद द्वारा वर्ष 1993 में पारित एनसीटीई अधिनियम के अंतर्गत देशभर में भर्ती एवं कार्यरत लगभग 20 लाख शिक्षकों की सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से उत्पन्न संकट तथा सरकार की उदासीनता के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा–फर्रूखाबाद के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी का पुतला जलाकर गहरी नाराज़गी व्यक्त की है।
जिलाध्यक्ष अवनीश चौहान ने कहा कि छह माह बीत जाने के बाद भी भारत सरकार द्वारा कोई ठोस समाधान न निकालना शिक्षकों के साथ अन्याय है। 20 लाख शिक्षक और उनके परिवार असुरक्षा में जी रहे हैं, लेकिन सरकार मौन है। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक समाज बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
जिला मंत्री राजकिशोर शुक्ला ने कहा कि संसद में केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिया गया जवाब शिक्षकों की भावनाओं को आहत करने वाला है। सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनकी आवाज को अनसुना करना चाहिए।
अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ श्री अवनीश चौहान ने कहा कि देशभर में शिक्षक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन पुलिस के माध्यम से दमन करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। यह रवैया शिक्षक समाज को स्वीकार नहीं है और संघर्ष और तेज किया जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश यादव ने पुलिस द्वारा कई जनपदों में संगठन के पदाधिकारीगण को रोके जाने की घटना की कड़ी निंदा की। मंत्री डा उपेंद्र गंगवार ने कहा कि विद्यालय में नजरबंद करना न केवल मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि पूरे शिक्षक समाज का अपमान है। यह लोकतंत्र के लिए घातक है
इस मौके पर जिलाध्यक्ष अवनीश चौहान,जिला मंत्री राजकिशोर शुक्ला ब्लॉक अध्यक्ष राकेश यादव,डॉक्टर उपेंद्र गंगवार,शिवमोहन गंगवार,मोहम्मद आमिर,आयुष गंगवार,,इसरार खान,अमन कुमार,राजेश यादव तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
टीईटी पर केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान से आक्रोशित शिक्षकों ने पुतला फूंका,नारेबाजी की
