नकली पुस्तकें छापने वालों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत होगी कार्यवाही
(निशीत सक्सेना )
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। यू.पी. बोर्ड के नवीन सत्र 2025-26 में छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी बोर्ड के सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी है। डी.आई.ओ.एस. प्रकाशकों से संपर्क करके पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था करायेंगे।
शिक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यू.पी. बोर्ड ने कक्षा 9 से 12 तक में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम अंगीकार किया है। जिसके तहत चालू शिक्षा सत्र2025-26 के लिए पाठ्य पुस्तकें चार बड़े प्रकाशकों से प्रकाशित कराई गई हैं। बोर्ड सचिव की ओर से प्रकाशकों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी गयी है और उन्हें छात्र-छात्राओं को समय रहते पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये हैं। डी.आई.ओ.एस. प्रकाशकों से संपर्क कर पाठ्य पुस्तकों के विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। यू.पी. बोर्ड की पुस्तकों का मूल्य एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकों से कम है। सुरक्षा फीचरों के विषय में आवश्यक जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्रेषित की जा रही हैं। ताकि वह पाठ्य पुस्तकों के नकली या असली होने की पहचान कर सकें। जांच में किताबें नकली मिलने पर कापीराइट एक्ट के अंतर्गत संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उ0प्र0 माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के जिला मंत्री नरेंद्र पाल सोलंकी पूर्व जिला उपाध्यक्ष सन्तोष दुबे एवं संयुक्त मंत्री सतेन्द्र सिंह ने बोर्ड द्वारा पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता हेतु डीआईओएस की जिम्मेदारी तय किये जाने के कदम का स्वागत किया है। शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जाहिर की कि इससे जहां एक ओर छात्रों को समय से पुस्तकें मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर नकली पुस्तकों के प्रकाशन पर भी रोक लगेगी।
यू.पी. बोर्ड की पाठ्य पुस्तकें छात्रों को उपलब्ध कराना डीआईओएस की जिम्मेदारी
