
कमालगंज, समृद्धि न्यूज। शुक्रवार की शाम फिरोज गांधी जनता इण्टर कॉलेज के रामलीला मैदान में राम और रावण की सेना के बीच सड़क से शुरू हुआ युद्ध रामलीला मैदान तक चला। रिमझिम बारिश की फुहार के साथआकाश में छाये बादल रामलीला आयोजकों और लोगों की चिन्ता बढ़ा रहे थे कि इस वर्ष रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतले आग से जलेंगे या फिर बरसात में गलेंगे, लेकिन जोरदार बरसात नहीं हुई और राम-रावण युद्ध का लोगों ने भरपूर आनन्द लिया। रामलीला मैदान में राम और रावण की सेना के बीच युद्ध चला। राम का रावण पर किया गया हर वार विफल जा रहा था। राम के तीर खाने के बाद भी रावण का अट्टहास गूंजता रहता था। फिर रावण के भाई विभीषण ने राम को बताया रावण की नाभि में अमृत है जब तक अमृत नहीं सूखेगा, तब तक रावण को मारना असम्भव है। तब राम ने एक साथ 31 वाण छोड़े। अन्त में सत्य के आगे असत्य को एक बार पुन: पराजित होना पड़ा और राम की जय-जयकार गुंजने लगी। लोगों ने भगवान राम की आरती उतारी। रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले धूं-धूं कर जलने लगे। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष केशव गुप्ता, सुरेश चंद्र गुप्ता, शांति बोध पालीवाल, अनुभव गुप्ता सहित तमाम रामलीला कमेटी के सदस्यगण मौजूद रहे। वहीं थाना अध्यक्ष राजेश राय फोर्स के साथ में मुस्तैद रहे। ————————–
