जंगली जानवर आने की खबर मिलते ही वन विभाग ने ड्रोन से क्षेत्र की निगरानी

कोई जानवर न दिखायी देने पर वापस लौटी टीम
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मऊदरवाजा के ग्राम पचपुखरा में जंगली जानवर की खबर मिलते ही वन विभाग व पुलिस ने पहुंचकर क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की, लेकिन कोई भी जानवर नहीं दिखाई दिया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी। कुछ लोग लाठी-डंडा लेकर आ गये।
थाना मऊदरवाजा के ग्राम पचपुखरा में जंगली जानवर आने से ग्रामीणों में दशहत फैल गयी। पड़ोसी ग्राम पंचायत जसमई निवासी ग्राम प्रधान अभिलाषा दुबे के पति संजीव दुबे के खाली प्लाट में शनिवार को ग्रामीणों ने एक बछिया का शव देखा तो जंगली जानवर आने की आशंका होने लगी। मौके पर लोगों की भीड़ लग गयी। ग्राम पचपुखरा निवासी प्रदीप शाक्य, छोटे कुशवाहा, अभिषेक कुशवाहा ने बताया कि बीती रात एक जंगली जानवर बछिया को मुंह में दबाकर ले जा रहा था। उन्होंने बताया कि कुत्तों के भौकने व अन्य जावरों के चिल्लाने पर आंख खुल गये तो देखा कि एक जानवर कुछ ले जा रहा है। सुबह पता चला कि वह तो बछिया थी। वहीं प्रदीप कुमार ने बताया कि उनके मकान में जालीनुमा गेट है उसके पास पर तखत पर लेटते है। जब कुत्तों के भांैकने की आवाज सुनाई तो जाली से देखा तो एक जानवर कुछ घसीट कर ले जा रहा है। वहीं जंगली जानवर ने बछिया का पेट फाडक़र मांस खाया। जंगली जानवर सडक़ के किनारे करीब 10 मिनट तक बछिया को मुंह में दबोचे खड़ा देखा गया। प्रदीप कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने ही गाय की बछिया को मार डाला है। तेंदुए के गोबर आदि कई स्थानों पर पंजे के निशान देखे गए। ग्रामीणों ने बताया कि बीते दिन पकड़े गये तेंदुए से यह जानवर काफी ऊंचा है। सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर वन विभाग की टीम व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की, लेकिन कोई जानवर नहीं दिखायी दिया। पुलिस कर्मी व वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोई भी जंगली जानवर (तेंदुआ) नहीं दिखायी दिया। किसी अन्य जानवर ने बछिया पर हमला किया है। वहीं ग्रामीण तेंदुआ होने की बात कह रहे है। वहीं के निवासी सुरेन्द्र नाम ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने रात्रि के समय तेंदुआ जैसा जानवर देखा जो काफी बड़ा था। वन विभाग की टीम अपना ड्रोन कैमरा लेकर चली गयी, लेकिन ग्रामीणों में भय व्याप्त है कि रात्रि के समय जानवर अपने शिकार के लिए निकलता है। ग्रामीण इतना डरे है कि अब वह रात्रि के समय अपने खेतों की रखवाली करने भी नहीं जायेगें।

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