किसानों की जमीन महायोजना के नाम पर डाका नहीं डालने दिया जायेगा: अशोक कटियार

किसानों ने चौपाल लगाकर 2031  महायोजना का किया विरोध
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अन्नदाता किसानों की जमीन पर महायोजना 2031  के नाम पर डाका नहीं डालने दिया जायेगा। कीरतपुर निवासी अशोक कटियार ने कहा कि हम विकास के विरोधी नहीं, लेकिन हम किसानों के घर, सम्पत्ति उजाडक़र कर घोर अन्याय की नीव पर विकास के विरोधी है। लोकहित में विकास योजना की जानकारी फर्रुखाबाद आम जनता को देने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाये। महायोजना व फर्रुखाबाद विकास प्राधिकरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में मंगलवार को रम्पुरा व रखमीपुर में किसान नेता अशोक कटियार के नेतृत्व में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। किसानों ने इस महायोजना में भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंता प्रकट की। कहा कि अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी न मिलने व अफवाहों से किसान परेशान है। उन्होंने कहा कि निनौआ, रम्पुरा, कीरतपुर, खमीपुर, जगतपुर नगर, याकूतगंज, धनसुआ, बुढऩामऊ, विजाधरपुर, महरुपुर, कुटरा सहित ६१ गांव को महायोजना में शामिल किया गया है। इन गांव में ही किसानों की भूमि अधिग्रहण कर फर्रुखाबाद विकास प्राधिकरण आवास विकास औद्योगिक क्षेत्र व अन्य विकास योजनायें प्रस्तावित की गई है। महायोजना में तथ्यों को छिपाकर रुपरेखा बनायी गई। विजाधरपुर व पपियापुर में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। जबकि भूमि में ज्यादातर मकान बन चुके है। यहां औद्योगिक क्षेत्र वर्तमान में बनाना सम्भव नहीं है। धनसुआ क भूमि में काफी निर्णय हो चुका है। अशोक कटियार ने इसी प्रकार से सेन्ट्रल जेल चौराहे से निनौआ, रम्पुरा, जगत नगर, याकूतगंज तक सडक़ के आसपास काफी निर्माण हो चुका है। महायोजना में सडक़ के किनारे वाली जमीन का कोई उल्लेख नहीं है। इस सडक़ की चौड़ाई सार्वजनिक 60  मीटर व 60 मीटर ग्रीन बेल्ट कुल 120  मीटर चौड़ाई प्रस्तावित की गई है। इस स्थिति में गांव के गांव की बस्ती उजड़ जायेगी। पूरे जीवन की पूंजी लगाकर मकान, दुकान लगाने वाले कहां जायेंगे। इस महा योजना में कोई उल्लेख नहीं है। पीडि़त परिवारों को कितना मुआवजा किस दर से मिलेगा, यह भी स्पष्ट नहीं है। बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जायेंगे। उनके रोजगार व उजड़े लोगों के लिए कोई कार्य योजना नहीं है, जबकि इतनी चौड़ाई सडक़ की जरुरत नहीं है। केवल ड्रोन से सीमांकन कर योजना दर्शायी गई है। जिसका सभी किसान विरोध करते है। अध्यक्षता प्रेम सिंह ने की। संचालन लालू यादव ने किया। इस अवसर पर प्रधान सुरजीत सिंह, पहलवान, कमल किशोर, महेन्द्र सिंह, रामसनेही यादव, बंगाली बाबू, बृजनन्दन, शिवप्रताप, रामरत्न सिंह, राघवेन्द्र सिंह, जगदीश सिंह, देवेन्द्र सिंह, सुधीर शर्मा, रोहित यादव, सुबोध कुमार आदि किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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