निदान प्रणाली के मोबाइल नम्बर भी जारी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कृषि विभाग द्वारा फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के लिए मोबाइल नम्बर जानकारी किया गया। जिससे किसान फसलों में प्रकोप दिखायी देने पर व्हाट्सएप मैसेज से क्षेत्रीय कर्मचारी अथवा कृषि विभाग के विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर जाकर सम्पर्क कर सकते है।
जिला कृषि रक्षाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान फसलों की निगरानी के समय मक्का की फसल में फॉल आर्मी वार्म कीट के प्रकोप की संभावना हो सकती है। यह कीट मक्का की फसल के लिए अत्याधिक खतरनाक होता है इसके अलावा खरीफ की अन्य फसलें जैसे ज्वार बाजरा, धान, गन्ना आदि फसलों को भी हानि पहुंचा है। इस कीट की सूड़ी जाल की तरह फसल के पौधे पर फैल जाती है और तेजी से नुकसान पहुंचाती है। कीट के प्रकोप की पहचान फसल की बढ़वार अवस्था में पत्तियों में छिद्र एवं पत्तियों के बाहरी किनारों पर इस कीट द्वारा उत्सर्जित पदार्थों से की जा सकती है। उत्सर्जित पदार्थ महीन भूसे के बुरादे जैसा दिखाई देता है। कीट सूड़ी की पहचान हेतु सिर पर अंगे्रजी के वाई अक्षर का उल्टा निशान दिखायी देता है। कीट के यांत्रिक नियंत्रण हेतु किसान वर्ड परचर (टी या वाई आकार की 6 से 8 फुट लम्बी लकड़ी की टहनियां पक्षियों के बैठने हेतु ) 6 से 7 प्रति एकड़ एवं सायं 7 से 9 बजे तक 3 से 4 जगह प्रकाश प्रपंच एवं नीम आयल 5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिडक़ाव करें। प्रकोप अधिक होने की दशा में रसायनिक उपचार हेतु इमामेक्टिन बेनजोइट ०.4 ग्राम प्रति लीटर पानी या स्पीनेटोरम 11.7 प्रतिशत ०.5 मि0ली0 अथवा क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.5 प्रतिशत 0.4 मि0ली0 या थामोमेथाक्सॉम 12.6 प्रतिशत+लैम्बडासाइहैलोथ्रिन 9.5 प्रतिशत ०.25 मिली लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिडक़ाव करें। किसान अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और जहां भी प्रकोप दिखायी दें तुरन्त उपचार करें अथवा सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के मोबाइल नम्बर 9452247111 व 9452257111 पर एसएमएस/व्हाट्सएप पर समस्या भेज कर निदान प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्रीय कर्मचारी अथवा कृषि विभाग के विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि रक्षा इकाई पर जाकर सम्पर्क कर सकते है।
मक्का व अन्य फसलों में फॉल आर्मी वार्म कीट के प्रकोप की संभावना हेतु किया जागरुक
