फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मखदूमियां शेखपुर में हजरत शेख मखदमू का 701वां उर्स-ए-मखदूम परम्परागत हजरत शेख अजीजुल हक गालिब मियां ने दरगाह-ए-मखदूमियां पर परचम कुशाई के साथ उर्स का आगाज कर दिया। सुबह बाद नमाज फजिर कुरान खानी की गयी और दोपहर को महिलाओं का जलसा (ख्वातीन का इस्तमां) हुआ जिसमें बेटियों में सामाजिक चिन्तन और पारम्परिक परम्पराओं की जागरूकता पर जोर डाला गया और बाद नमाजे इंशा दरगाह पर नातिया मुशायरा सज्जादानशीन गालिब मियां की सरपरस्ती में हुआ। जिसका आगाज खिलावते कुराने पाक से हाफिज राहत सोहरवरदी ने किया। मुशायरे की निजामत मौलाना शाहिद रजा ने की। मुशायरे में अलीशान अहमदी, कौशर, फहमीद कादरी, मोहम्मद इमरान, इंतजार हुसैन, मोहम्मद इसराईल रागिव, मसूद और साहिबे आलम आजमी ने रोहानी और शिक्षाप्रद कलाम पेश किये। मौलाना शाहिद रजा और मौलाना मुवीन नूरी ने हजरत शेख मखदूम के जीवन और उनकी करामातों और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कदीमी रिवायतों के अनुसार सज्जादानशीन गालिब मियां ने सुबह भोर हजरत शेख मखूदम की मजार पर फातिहा ख्वानी की और इसके बाद श्रद्धालूजनों के बीच दरगाह शेखपुर से हजरत मखदूम शाह की चिल्लाहगाह भोजपुर तशरीफ ले गये और चिल्लाहगाह पहुंचकर नमाजे फजिर अदा की। इस पूरे सफर में हजरत शेख गालिब मियां के साथ अयूव, शानू साथ रहे। रात के अंधेरे और सर्द भरी रात तथा ऊबडख़ाबड़ रास्ते श्रद्धालुओं का हौसला पस्त न कर सके और सज्जादा नसीन का काफिला शेखपुर दरगाह से भोजपुर चिल्लाह गाह पहुंच गया।
अजीजुल हक गालिब मियां ने किया 701वें उर्स-ए-मखदूम का आगाज
